फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Barabanki News: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे 200 एकड़ में बनेगा औद्योगिक पार्क

विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे के निकट औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की तैयारी शुरू हो गई है। त्रिवेदीगंज पंचायत के दो गांवों समेत आसपास के चार गांवों की 200 एकड़ से अधिक भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक्सप्रेसवे और प्रमुख हाईवे के किनारे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना के तहत यूपीसीडा ने किसानों से सहमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन

त्रिवेदीगंज पंचायत भवन में बुधवार को यूपीसीडा के अधिकारियों और किसानों के बीच पहली बैठक हुई। इसमें पहाड़पुर आंशिक गांव के करीब 60 प्रतिशत किसानों ने भूमि देने पर सहमति जताई। अब बिजौली, सोनिकपुर और ककरी गांव के किसानों से भी बातचीत की जा रही है।
योजना के अनुसार त्रिवेदीगंज पंचायत के पहाड़पुर आंशिक और बिजौली गांव में औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। बेहतर ले-आउट और पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने के लिए सोनिकपुर और ककरी गांव को भी प्रस्तावित क्षेत्र में शामिल करने की तैयारी है। प्रस्तावित स्थल पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से करीब दो किलोमीटर तथा लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे से मात्र 300 मीटर दूर है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण यह क्षेत्र उद्योगों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
विज्ञापन


200 एकड़ भूमि जुटाने की कवायद
यूपीसीडा के तहसीलदार अवधेश गुप्ता ने बताया कि किसी औद्योगिक पार्क के विकास के लिए कम से कम 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। पहाड़पुर आंशिक गांव में लगभग 110 एकड़ भूमि मिलने की संभावना है। सोनिकपुर और ककरी गांव के किसानों से भी सकारात्मक सहमति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि का अधिग्रहण नहीं, बल्कि किसानों की स्वैच्छिक सहमति और आपसी समझौते के आधार पर खरीद की जाएगी। किसानों की राय और उपलब्ध भूमि का आकलन पूरा होने के बाद पार्क का विस्तृत ले-आउट तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

उद्योग आएंगे तो रोजगार भी बढ़ेंगे
औद्योगिक पार्क बनने से क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। एक्सप्रेसवे और हाईवे से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां उद्योग स्थापित करना आसान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, छोटे कारोबार और सेवा क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आसपास के गांवों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें