सिरौलीगौसपुर। तहसील मुख्यालय के पीछे बने आवास परिसर में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। आठ वर्षीय बालक अथर्व खेलते-खेलते एक शौचालय के टैंक में गिर गया। उसे निकाला गया तब तक मौत हो चुकी थी। टैंक का ढक्कन खुला होने से यह हादसा हुआ। इसके लिए जिम्मेदार कौन है, इसकी जांच की बात तहसील प्रशासन ने कही है। इस घटना से मातम छा गया। बच्चे की मां व अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
तहसील मुख्यालय के पीछे बने आवास में अथर्व अपने पिता विक्रम मौर्य व मां वंदना देवी के साथ रहता था। वह तहसील में निजी तौर पर कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते हैं। शनिवार को अथर्व घर के पीछे खेल रहा था। खेलते समय वह शौचालय टैंक के पास पहुंच गया। टैंक के पत्थर काफी पुराने और टूटे हुए थे, और उस पर एक पुराना प्लाईवुड रखा था। अथर्व उस प्लाईवुड पर चढ़ा, तभी वह टूट गया और वह टैंक में जा गिरा। काफी समय बीत जाने के बाद जब अथर्व घर नहीं लौटा, तो परिजन ने उसे ढूंढना शुरू किया। खोजबीन करते हुए वे टैंक के पास पहुंचे। वहां रखे टूटे प्लाईवुड को देखकर पिता को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने हिम्मत कर टैंक के अंदर देखा तो अथर्व उसमें डूबा हुआ था। उसे बाहर निकाल कर संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
तहसीलदार बालेंद्र भूषण वर्मा भी चिकित्सालय पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहसीलदार ने शौचालय के टैंक में गिरने से बालक की मौत पर दुख जताया। मृतक अथर्व के पिता विक्रम मौर्य नगर पंचायत बेलहरा के मूल निवासी हैं। लंबे समय से तहसील में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में संविदा पर कार्यरत थे। वर्ष 2018 में संविदा समाप्त होने के बाद भी वे अपने परिवार के साथ तहसील परिसर में ही रहकर कंप्यूटर संचालन का कार्य कर रहे थे। हादसे के बाद मां वंदना का रो-रोक बुरा हाल था।