एंबुलेंस 108 व 102 के चालकों व उनके अन्य सहयोगियों ने सीएचसी बनीकोडर में जमकर हंगामा किया और सीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को भला बुरा कहने के साथ ही चिकित्सा अधीक्षक का घेराव किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
ब्लॉक बनीकोडर अंतर्गत चलने वाली 108 व 102 एम्बूलेंस के चालक पिछले कई महीनों से अस्पताल के एक कक्ष में रहते हैं । इन्हें कक्ष छोड़ने के लिए नोटिस दिया गया था। एंबुलेंस चालक नोटिस मिलने के बावजूद कक्ष से अपना सामान निकाल कर खाली नहीं कर रहे थे। सोमवार को एंबुलेंस का एमटी प्रमोद कुमार यादव कुछ कागजातों पर अधीक्षक के हस्ताक्षर बनवाने उनके पास गया था। उस समय वह दूसरे जरूरी कार्य में व्यस्त थे। जब मुलाकात हुई तो अधीक्षक ने उसे संबंधित स्वास्थ्य कर्मी के पास भेज दिया। इस बात को लेकर एंबुलेंस कर्मी अभद्रता करने लगा और मारपीट पर उतारू हो गया। इससे नाराज चालकों ने हंगामा किया।
सभी एंबुलेंस कर्मी एकत्र होकर अधीक्षक के कक्ष में आकर चिल्लाने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में भी एंबुलेंस चालक शोर शराबा करते रहे। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया । इसके बाद पुलिस व स्वास्थ्य कर्मियों के समक्ष सीएचसी में रहने वाले एंबुलेंस कर्मियों को बुलाकर उनको कक्ष से बाहर निकलवा दिया गया। घटना की सूचना मुख्य चिकित्साधिकारी को दी गईं। इस कृत्य को गलत बताते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये। इधर सूचना पाकर क्षेत्राधिकारी आरपी सिंह भी सीएचसी पहुंच गये और एंबुलेंस सेवा से जुड़े लोग भी मौके पर आ गये। सभी एंबुलेंस कर्मियों ने माफी मांगी इसके बाद मामला शांत हुआ।