जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक काफी हंगामेदार रही। स्वंतत्र प्रभार मंत्री के प्रतिनिधि और सांसद तथा नामित सदस्य के बीच तीखी तकरार हुई। लीक से हटकर मुद्दा उठाने पर डीएम और भाजपा नेता के बीच नोकझोंक हुई। इससे आहत भाजपा सांसद ने अधिकारियों और सदस्यों को दायरे में रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बैठक में इस तरह हंगामा हुआ तो वह अगली बैठक में शिरकत ही नहीं करेंगी।
भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत की अध्यक्षता में शनिवार को डीआरडीए के गांधी सभागार में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक सुचारु रूप से चल रही थी, इसी बीच फैजाबाद सांसद प्रतिनिधि बाबा परमेन्द्र विक्रम सिंह ने मुद्दा उठाया कि यदि बैठक की जानकारी 15 दिन पहले दे दी जाए तो ज्यादा बेहतर होगा।
डीएम की अनुमति पर डीडीओ एकेे सिंह ने बताया कि 22 अक्टूबर को केंद्र सरकार का पत्र मिला है। 17 से 27 तक देवा मेला चल रहा था। सांसद से हुई वार्ता के बाद यह तिथि तय की गई है। इसी बीच सांसद द्वारा नामित सदस्य और भाजपा नेता सुधीर कुमार सिंह सिद्धू ने लीक से हटकर मुद्दा उठाया तो जिलाधिकारी नाराज हो गए। इसी को लेकर भाजपा नेता और जिलाधिकारी के बीच तीखी तकरार भी हुई।
सांसद के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। बैठक की कार्यवाही शुरू होती, इससे पहले ही स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी फरीद महफूज के प्रतिनिधि सलमान ने दिवाली के समय बैठक बुलाने पर विरोध जताया। कहा कि इससे पहले भी बैठक रमजान के दौरान बुलाई गई थी जिसका उन्होंने बहिष्कार किया था। इस पर सांसद ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर यह बैठक बुलाई गई है।
इसके बाद भी सलमान सांसद से बहस करते रहे। इसी बीच सांसद द्वारा नामित सदस्य हाजी निजामी ने इसका विरोध किया तो सलमान और हाजी निजामी आमने-सामने आ गए। यह देख सांसद का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि सदन की बैठक में इस तरह से हंगामा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि अगली बैठक में इसी प्रकार हुआ तो वह बैठक से उठकर चली जाएंगी।
किसी तरह से मामला शांत हुआ और सदन की कार्यवाही पूरी की जा सकी। इस दौरान विद्युतीकरण और पेयजल आपूर्ति तथा प्रसाधन निर्माण के मुद्दे छाए रहे। इस मौके पर सीडीओ ऋषिरेन्द्र कुमार, सीएमओ डॉ. डीआर सिंह, डीएसटीओ डॉ. विनोद कुमार सिंह, बीएसए पीएन सिंह, डीडी एजी डॉ. एसपी सिंह, डीएओ रामकुमार यादव आदि मौजूद रहे।
मनरेगा को लेकर एक बार फिर सांसद और सलमान आमने सामने हो गए। सलमान ने पूछा कि मनरेगा में कार्य ठप है पिछले 25 दिनों से कार्य नहंी हो रहे हैं। करीब साढे़ चार करोड़ का कार्य हो गया है जिसका भुगतान फंसा हुआ। इसको लेकर काफी बहस भी हुई। जिस पर सांसद ने प्रदेश सरकार पर इसका ठीकरा फोड़ते कहा कि यह सब सरकार की गलत नीतियों की वजह से हो रहा है जब तक इसमें सुधार नहीं होगा तब तक कुछ नहीं होगा।