बाराबंकी। बिजलीकर्मियों के कार्य बहिष्कार के बाद 72 घंटे की हड़ताल को लेकर खलबली मच गई है। हड़ताल के दौरान आपात स्थिति से निपटने व बिजली आपूर्ति जारी रखने के लिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। कंट्रोल रूम से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। उधर पूरा दिन बिजलीकर्मी घोसियाना समेत अन्य बिजली दफ्तरों व पावर हाउस में कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान कंट्रोल रुम में शिकायतों का सिलसिला शुरु हो गया। 15 शिकायतों की निस्तारण कराया गया। बृहस्पतिवार रात दस बजते ही बिजली कर्मियों ने 72 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी।
बिजली कर्मियों की हड़ताल से आवश्यक सेवाएं बाधित न हों, इसको लेकर डीएम अविनाश कुमार ने जोनल मजिस्ट्रेट व सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई है। पड़रा उपकेंद्र जैदपुर में खंड विकास अधिकारी राकेश कुमार श्रीवास्तव, ओबरी, जेपी नगर में चकबंदी अधिकारी शिव नारायन गुप्ता की ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार बंकी, दुंदपुरवा, चंदौली, देवा, जैदपुर, निंदूरा समेत सभी उपकेंद्रों पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। उ
धर, मांगें पूरी न होने से बिजली कर्मियों में बृहस्पतिवार को आक्रोश देखने को मिला। घोसियाना स्थित बिजली दफ्तर में बिजली कर्मियों जमकर नारेबाजी की। संयुक्त संघर्ष समिति के सह संयोजक सुनील मौर्या ने निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि बिजली कर्मियों के हितों के लिए संघर्ष समिति किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।
कहा कि हड़ताल के दौरान बिजली कर्मी कोई कार्य कतई नहीं करेंगे। जिले भर के करीब आठ सौ बिजलीकर्मियों ने दिन में कार्य बहिष्कार किया। इस मौके पर रमाशंकर, रईस अहमद, सरोज कुमार, सुधीर श्रीवास्तव, सर्वेश पाल, शेषराम दिनेश प्रजापति, दिनेश यादव, चंद्रशेखर आजाद, मनीराम आदि मौजूद रहे।
डेढ सौ गांव की गुल है बिजली, मचा हाहाकार
हैदरगढ़ क्षेत्र में डेढ़ सौ से अधिक गावों की बिजली बृहस्पतिवार सुबह तीन बजे से ही बाधित हो गई। हैदरगढ़ ग्रामींण सबस्टेशन के टेलीफोन फीडर से जुड़े बीजापुर, गंगापुर, संसारा, संतोषपुर सहित करीब 60 गांव की बिजली आपूर्ति बाधित रही। देवीगंज सबस्टेशन के सुबेहा फीडर सुबह चार बजे तथा ककरहा फीडर से सुबह सात बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इन फीडरों से जुड़े जरौली, धनौली, दांदूपुर, गजपतिपुर, पूरे टांड़, मवइया, पठकन पुरवा व सेरसा, तोरई गांव, पहलवाल पुरवा, खरिकाफूल, हकामी, तिलक का पुरवा समेत करीब 90 गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। टेलीफोन एक्सचेंज समेत 14 लोगों ने बिजली बाधित होने की शिकायत कंट्रोल रूम में की। शिकायतों की जांच राजस्व विभाग से कराई गई लेकिन बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे करीब पौने दो लाख आबादी प्रभावित है। वहीं जेपी नगर में 11 हजार की लाइन के पैनल में खराबी आ गई जिससे दो घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। शिकायत के बाद पैनल दुरुस्त करा दिया गया। ओबरी के पास तार टूटने से गोकुल नगर, रामजानकी नगर की बिजली डेढ़ घंटे गुल रही। अधीक्षण अभियंता मनोज सोनकर ने बताया कि डिवीजन वार कंट्रोल रूम बनाया गया। बिजली व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए 77 प्रशिक्षुओं की ड्यूटी लगाई गई है।