सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले में पुरानी टीम पर ही भरोसा जताते हुए वर्तमान विधायकों को टिकट दिया है। वहीं बेनी वर्मा के बेटे राकेश वर्मा ने बागी तेवर अपना लिए हैं। राकेश ने कहा है कि वे कैसरगंज से चुनाव नहीं लड़ेंगे। जिले कीसभी 6 सीटों पर पार्टी का कब्जा है। जिनमें से तीन को लाल बत्ती भी दी गई थी। पुरानी टीम अपने गढ़ को बचाने में कितना कामयाब होगी यह तो समय बताएगा।
2012 के चुनाव में जिले की कुर्सी, रामनगर, दरियाबाद, हैदरगढ़, जैदपुर व बाराबंकी सदर सीट पर समाजवादी पार्टी ने कब्जा जमाया था। इसी सफलता को लेकर प्रदेश सरकार ने तीन लोगों को मंत्री बनाया था। सपा में मची उठापटक में रामनगर से अरविंद कुमार सिंह गोप की जगह राकेश वर्मा और जैदपुुर में रामगोपाल की जगह रामनरायण रावत को शिवपाल की जारी सूची में टिकट दिया गया था। तभी से कयास लगने लगे थे कि गोप और बेनी में किसका पलड़ा भारी होगा।
आज जारी सूची में अरविंद कुमार सिंह गोप को रामनगर व रामगोपाल रावत को जैदपुर से टिकट देने के साथ पुराने सूरमा ही चुनाव मैदान में उतारे गए। हालांकि बेनी वर्मा को मैनेज करने के लिए जारी सूची में राकेश वर्मा को बहराइच जिले की कैसरगंज विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है, पर उनके समर्थक इस फैसले से आक्रोशित हैं।
सूत्रों का कहना है कि राकेश कैसरगंज से चुनाव नहीं लड़ना चाहते। ऐसे हालात में एक बार फिर बेनी प्रसाद वर्मा के सामने 2007 की परिस्थितियां सामने आ गई हैं। उस समय भी बेनी बाबू
टिकट वितरण में न सुने जाने पर सपा से अलग हो गए थे।