बाराबंकी। अजिता, अपर्णा व राहुल ऐसे शिक्षक है जिनके स्कूल पहुंचते ही बच्चे उत्साह से भर जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इनके पढ़ाने का तरीका बहुत व्यावहारिक है। ये शिक्षक बच्चों के साथ अभिभावकों से भी जुड़े रहते हैं। उनकी परेशानियों पर चर्चा करते हैं। इसी कारण इनके विद्यालय के बच्चों ने निपुण भारत परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। तीनों को बीते चार फरवरी को लखनऊ में प्रदेश स्तरीय एडूलीडर्स यूपी अवार्ड से सम्मानित किया गया।
ब्लैकबोर्ड पर लिखी जाती है आज की खबर
विकासखंड बंकी के प्राथमिक विद्यालय बनवा की सहायक अध्यापिका अजिता श्रीवास्तव जिले की ऐसी शिक्षक हैं जिनके 100 वीडियो दीक्षा पोर्टल पर अपलोड है। वे ब्लैक बोर्ड पर रोज आज की खबर शीर्षक से खबरें लिखकर उनपर बच्चों से बेबाकी से चर्चा करती हैं। इससे बच्चों में पढ़ने की ललक पैैदा हुई। अजिता बताती है कि बच्चों का मित्र बनकर पढ़ाने में बहुत आनंद आता है। बताया कि वे ज्ञान गंगा नामक आनलाइन पोर्टल से जुड़ी है और जिले की संयोजक हैं।
अभिभावकों से दान ली जमीन
ब्लॉक सिरौलीगौसपुर के प्राथमिक विद्यालय किंतूर प्रधानाध्यापिका अपर्णा श्रीवास्तव ने स्कूल से बच्चों के साथ अभिभावकों को भी ऑनलाइन क्लास से जोड़ा है। कोरोना काल में उन्होंने ऑनलाइन क्लास एक दिन भी मिस नहीं किया। स्कूल परिसर में जमीन कम होने के कारण उन्होंने स्थानीय लोगों व अभिभावक से जमीन दान लेकर उन्ही के सहयोग से स्कूल की बाउंड्री बनवाकर गेट लगवा दिया।
कबाड़ सेे जुगाड़ बताते हैै ये गुरुजी
त्रिवेदीगंज के प्राथमिक विद्यालय बहुता के प्रधानाध्यापक राहुल कुमार शुक्ला ने छह प्रकार के नवाचारों का प्रयोग अपने स्कूल में किया। उन्होंने कबाड़ से जुगाड़ के माध्यम ये परिसर में काटे गए पेड़ों के ठूंठ को रंगरोगन कर बैठने की जगह बनवा दिया। इनके स्कूल में गतिविधि आधारित पढ़ाई होती है। जिस विषय पर चर्चा करनी होती है बच्चों के ग्रुप बना दिए जाते हैं। इसमें 80 प्रतिशत बच्चे व केवल 20 प्रतिशत मास्टर साहब बोलते हैं।