बाराबंकी। रामसनेहीघाट के अहमदपुर, छंदवल व सुमेरगंज को डेंगू को लेकर हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। हाल ही में छंदलव के पूरेकोट गांव में डेंगू के सात मरीज मिले थे। इसी तरह सुमेरगंज और अहमदपुर में पिछले साल कई मरीज मिले थे। इसी को देखते हुए इन्हें हॉटस्पॉट घोषित किया गया है।
पिछले साल नगर पंचायत के सुमेरगंज कस्बे में डेंगू से आधा दर्जन से अधिक मौत होने तथा सैकड़ों लोगों के बीमार होने के चलते कोहराम मच गया था। सुमेरगंज के प्रत्येक घर में एक मरीज प्लेटलेट्स की कमी से पीड़ित था। इस दौरान 100 से अधिक लोगों ने प्लेटलेट्स कम होने पर लखनऊ के निजी अस्पतालों में इलाज कराया था।
इसी प्रकार अहमदपुर में भी पिछले साल कई मरीज मिले थे। छंदवल के पूरेकोट में डेंगू के सात मरीज मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। इस बार फिर डेंगू ने दस्तक दे दी है। इसी को देखते हुए तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है।
सीएचसी अधीक्षक रामसनेहीघाट डॉ. अमरेश वर्मा ने बताया कि तीन गांवों को हॉटस्पॉट घोषित किए जाने के बाद डेंगू की जांच के लिए एक हजार किटें मंगा ली गई हैं। विभाग किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। इसको लेकर चिकित्सकों और कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
कैसे करें मच्छरों से बचाव
मच्छरों से बचाव के लिए त्वचा को ढक कर रखें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। इसके साथ ही साफ-सफाई का ध्यान रखें। मच्छरदानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। डेंगू की आशंका हो तो बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई दवा न लें।
हॉटस्पॉट वाले गांवों पर रखी जा रही नजर
हॉटस्पॉट वाले गांवों पर बराबर नजर रखी जा रही है। यहां पर लगातार फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पंचायत में मच्छरों का लार्वा नष्ट करने को लेकर रात आठ से 10 बजे तक अभियान भी चलाया जा रहा है।
-रामआसरे वर्मा, एसडीएम रामसनेहीघाट
छंदवल में कराया गया एंटीलार्वा का छिड़काव
छंदवल गांव में डेंगू के सात मरीज मिलने के बाद पूरे गांव में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पिछले एक सप्ताह से वहां कैंप कर रही है। कोई नया केस नहीं मिला है। जिले में अब तक डेंगूू के 35 मरीज मिल चुके हैं। बंकी में तीन, मसौली में दो, सूरतगंज में एक, बनीकोडर में दो, सिद्धौर में दो, त्रिवेदीगंज में तीन, सिरौलीगौसपुर में एक और नगर क्षेत्र में पांच मरीज मिले हैं। पिछले साथ स्थिति काफी खराब थी। जिले के सभी अस्पतालों में इलाज की सुविधा है।
-डॉ. डीके श्रीवास्तव, एसीएमओ, नोडल, एनएचएम