पिसावां। इलाके के दिलावलपुर गांव में कूड़ा डालने को लेकर हुए विवाद में पुत्री की हत्या के बाद गंभीर घायल पिता की भी मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ ही गांव में शोक व्याप्त हो गया।
गांव निवासी हरिहर ने अनुसार उनकी जमीन पर ताराचंद के परिवार की ओर से अक्सर कूड़ा डालने को लेकर कहासुनी होती थी। बीते सप्ताह मंगलवार को ही कूड़ा डालने व लकड़ी आदि रखने को लेकर दोनों पक्षों की महिलाओं में विवाद होने लगा, जो देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया। इस दौरान आरोपी ताराचंद, विजय बहादुर, जोगेंद्र, वित्तन, सतेंद्र, रामदयाल और प्रीती लाठी-डंडों, भाले से लैस होकर हरिहर के घर हमला बोल दिया। सभी ने मिलकर हरिहर, उनके बेटे धर्मेंद्र, रामसागर व अंकित पर जानलेवा हमला कर उनकी जमकर पिटाई की थी।
हमलावरों ने इस दौरान घर के बाहर चाय पी रही रामसागर की बेटी चंद्रप्रभा (14) की भाला घोंपकर हत्या कर दी थी। हादसे में गंभीर घायल हुए रामसागर (45) का इलाज लखनऊ के ट्रामा सेंटर में चल रहा था। जहां मंगलवार को उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया। इस दौरान एएसपी दक्षिणी, सीओ आदि गांव में मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। प्रभारी थानाध्यक्ष डीपी मिश्र ने बताया कि मामले में सात लोगों पर केस दर्ज है। इनमें से चार लोगों को जेल भेजा जा चुका है। अन्य की तलाश जारी है।