पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने वाले 14 सचिवों ने छह माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी आज तक उनका लेखा जोखा प्रिया साफ्टवेयर पर फीड नही कराया है। जिससे उनके द्वारा कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। विभाग ने उन पर अब शिकंजा कसते हुए नोटिस जारी की है।
दो दिनों के अंदर फीडिंग की कार्रवाई न करने और कार्यालय में अभिलेख न जमा करने पर वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। पंचायती राज विभाग द्वारा पिछले वर्ष 2016-17 में विकास खंडों में कई निर्माण कार्य कराए गए थे। निर्माण कार्य पूर्ण के बाद कई ब्लॉक के 14 सचिवों आज तक उसका लेखा जोखा प्रिया साफ्टवेयर पर फीड नही कराया है और न ही उसके अभिलेख ही जिला पंचायत राज विभाग के कार्यालय में जमा किए हैं।
जिसमें उनके द्वारा निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार किए जाने की बूं आ रही है। कई बार पत्र व निर्देश दिए जाने के बाद यह कार्रवाई पूर्ण नही हो सकी। जिसके बाद विभाग ने इन्हें नोटिस भेजी है। पुराने कार्यों का लेखा जोखा न देने वाले सचिवों में राजेश निगम, मोहम्मद अजहर, एसएन पांडेय, संजय गुप्ता, जानकीराम, पुनीत वर्मा, राजेंद्र यादव, बृजेश कुमार, एडी तिवारी, उत्तम कुमार, अश्वनी त्रिवेदी, सतीश चंद्र, मोहित चतुर्वेदी और अनिल मिश्र शामिल हैं। प्रभारी डीपीआरओ आशुतोष कुशवाहा ने बताया कि इन सभी नोटिस जारी कर दो दिनों के अंदर लेखा जोखा फीड कराने के निर्देश दिए गए हैं।