बाराबंकी। लखनऊ में बीते दिनों अवैध पटाखा गोदाम में हुए धमाके के बाद जिले में संचालित लाइसेंसी पटाखा दुकानों के संचालक पर भी शिकंजा कसा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर दशहरा व दुर्गापूजा से पहले जिले के 39 लाइसेंसी पटाखा कारोबारियों की दुकान व गोदाम के सत्यापन का काम किया जा रहा है। इसके आधार पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों को कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा।
जांच व सत्यापन का जिम्मा संबंधित तहसील के एसडीएम की अगुवाई में गठित कमेटी कर रही है। अभी तक दस लाइसेंसधारी पटाखा दुकानदारों की जांच हो चुकी है। इस दौरान फायर सेफ्टी से जुड़े मानकों के साथ ही पटाखों की बिक्री के तय मापदंड का सत्यापन हो रहा है। सत्यापन व जांच बाद तैयार रिपोर्ट में डिफाल्टर मिलने वाले थोक पटाखा दुकानदारों पर कार्रवाई तय होगी।
जिले में पटाखा निर्माता और थोक विक्रेता के 39 लाइसेंसी कारोबारी हैं। इनमें जैदपुर में 11, जहांगीराबाद में एक, सफदरगंज में दो, बदोसरायं में दो, मसौली मे दो, रामनगर में चार, रामसनेहीघाट में पांच, टिकैतनगर में दो, दरियाबाद में एक, असंद्रा में एक, कोठी में एक, मोहम्मदपुर खाल में तीन, हैदरगढ़ में एक और लोनी कटरा में तीन लाइसेंसी दुकानदार हैं। लखनऊ में हुई घटना के बाद इन सभी का सत्यापन कराया जा रहा है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि लाइसेंसी पटाखा निर्माता और विक्रेताओं के सत्यापन का कार्य एसडीएम स्तर से कराने के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।