बाराबंकी। जिले में औद्योगिक विकास ने रफ्तार पकड़ ली है। उद्योग, निर्माण और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूपीडा द्वारा हैदरगढ़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) परियोजना को शुरू किया गया है। कुल 245 हेक्टेयर में प्रस्तावित इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत अब तक 130 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। कॉरिडोर क्षेत्र में जमीन लेने के इच्छुक उद्यमी अथवा निवेशक पांच अगस्त तक यूपीडा की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। स्पेशल ऑफ इंट्रेस्ट के तहत आवेदन करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जिले के एससीआर (स्टेट कैपिटल रीजन) में शामिल होने के बाद औद्योगिक विकास ने रफ्तार पकड़ी है। हैदरगढ़ औद्योगिक कॉरिडोर में इसकी प्रस्तावित दर 3,450 रुपये प्रति वर्गमीटर है। इसमें तीन तरह की भूमि है जिसमें छोटे औद्योगिक प्लाट हैं, दूसरा बड़े प्लाट हैं और तीसरा पीपीपी मॉडल के लिए प्लाट है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नजदीक होने के कारण इसका तेजी से विकास किया जा रहा है। भूमि के आवंटन के लिए निवेशक या उद्यमी को यूपीडा की बेवसाइट पर आवेदन करना होगा।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव प्रमित कुमार ने बताया कि बेहतर औद्योगिक नीतियों और अनुकूल वातावरण होने के कारण निवेशकों ने अच्छी रुचि दिखाई है। हैदरगढ़ और रामसनेही घाट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है। एससीआर में शामिल होने बड़ी-बड़ी कंपनियां आगे आई हैं। औद्योगिक क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई कम है, इसे सात मीटर कर देनी चाहिए।
निवेशक यूपीडा की वेबसाइट पर समय से आवेदन करने वालों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलेगी। निवेशकों को जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- आशुतोष कुमार, उपायुक्त उद्योग