मृत बीएसएफ दरोगा अपनी बहन के साथ (फाइल फोटो)
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शहर में बीच बाजार गोलियों से भूनकर मारे गए बीएसएफ दरोगा की हत्या में आरोपी दो सगे भाईयों को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वहीं इस मामले में एसपी ने आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने के निर्देश दिए है।
पुलिस आरोपियों के व्यापारिक प्रतिष्ठान सीज करने के साथ ही शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। उधर, शनिवार को बीएसएफ के अधिकारियों ने परिवारीजनों से फोन पर वार्ता कर ढांढस बंधाया है।
बताते चलें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लखपेड़ा बाग निवासी अविनाश रस्तोगी (26) जम्मू कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में दरोगा के पद पर तैनात था। अविनाश की शुक्रवार को ईशानी के साथ शादी होने वाली थी।
ईशानी अविनाश के सौतेले भाई विकास रस्तोगी की साली है। आरोप है कि शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे धर्मशाला के पास सौतेले भाई ने अविनाश रस्तोगी की ताबड़तोड़ गालियां मारकर हत्या कर दी थी। वहीं शुक्रवार देर रात एसपी राजू बाबू सिंह ने दरोगा के घर जाकर परिवारजनों से बात भी की।
एसपी ने बताया कि हत्या आरोपी विवेक रस्तोगी उर्फ दीपू व विकास रस्तोगी उर्फ छोटू के खिलाफ रासूका की कार्रवाई करने के निर्देश कोतवाली पुलिस को दिए गए है। दोनों को गिरफ्तार करने के लिए कई पुलिस टीमों को लगाने की बात कही। आरोपी विकास व विवेक के पास एक ऑटो मोबाइल कंपनी की एजेंसी व एक सराफा दुकान है।
इन दोनों पर पुलिस ने ताला लगवा दिया है। शहर कोतवाल बीपी यादव ने बताया कि आरोपियो की दुकानें व बाइक एजेंसी को सीज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है साथ ही आरोपियों के शस्त्र लाइसेेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही।