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Barabanki News: जन्म प्रमाणपत्र बिना अटका नौनिहालों का आधार

Sat, 04 Jul 2026 02:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। सरकारी स्कूलों की दहलीज पर कदम रखने वाले 30 हजार नौनिहालों के पास जन्म प्रमाणपत्र न होने के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। इसके चलते न तो उनका औपचारिक नामांकन हो पा रहा है और न ही उनके खातों में डीबीटी की धनराशि भेजी जा सकेगी।
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अभिभावक ब्लॉक से लेकर तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन डिजिटल दौर में यह दस्तावेजी सुस्ती बच्चों की पढ़ाई पर भारी पड़ रही है। इस गंभीर संकट के दृष्टिगत डीएम ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर 24 जुलाई को जिला शिक्षा परियोजना समिति की एक आपात बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी एसडीएम और बीडीओ को व्यक्तिगत रूप से प्रगति रिपोर्ट के साथ तलब किया गया है।
विभाग की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, जिले में परिषदीय प्राथमिक स्कूलों, मान्यता प्राप्त मदरसों और एडेड बेसिक स्कूलों को मिलाकर करीब 30,000 नौनिहाल ऐसे हैं, जिनका जन्म प्रमाणपत्र न होने के कारण आधार कार्ड का डाटाबेस तैयार नहीं हो पा रहा है।
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इसमें मदरसों और एडेड बेसिक स्कूलों में ही करीब 1200 से 2000 के बीच ऐसे बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जिनका आधार नामांकन रुका हुआ है। नियमों के मुताबिक, एक निश्चित समय बीत जाने के बाद जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के लिए एसडीएम की औपचारिक अनुमति अनिवार्य होती है।
वर्तमान में जिले की तहसीलों, ब्लॉक, नगर पालिकाओं और नगर पंचायत कार्यालयों में हजारों की संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं। एसडीएम स्तर से समय पर हरी झंडी न मिलने के कारण स्थानीय निकायों में फाइलें डंप हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया ठप पड़ी है और गरीब बच्चों के स्वेटर, जूते-मोजे व बैग की धनराशि अटकने की आशंका बढ़ गई है।


प्रेरणा पोर्टल की सूची से खुलेगी सुस्ती की पोल
इस गतिरोध को दूर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग अब प्रेरणा पोर्टल के जरिये डिजिटल ट्रैकिंग कर रहा है। पोर्टल पर बिना आधार वाले बच्चों की ब्लॉकवार सूची तैयार की जा रही है, जिससे ब्लॉक स्तर पर हो रही ढिलाई उजागर हो सके। बीएसए ने सभी बीईओ को दो दिन की अंतिम मोहलत दी है।

जन्म प्रमाणपत्र न होने से करीब 30 हजार बच्चों के दाखिले और डीबीटी प्रभावित हो रही है। एसडीएम और बीडीओ से समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत बच्चों के प्रमाणपत्र निर्गत कराए जा रहे हैं ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा और आधार नामांकन से वंचित न रहे।
- नवीन कुमार पाठक, बीएसए

बच्चों के बैंक खाते खुलवाने काे तीन दिन का समय
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत लाभ पा रहे बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी ने आवश्यक सूचना दी है। शासन की योजना के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता का लाभ अब सीधे बच्चों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजा जाना है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सूरज सिंह ने निर्देश दिया है कि जिन बच्चों के बैंक खाते अभी तक नहीं खुले हैं, उनके अभिभावक तीन दिनों के भीतर बच्चे के नाम से बैंक खाता खुलवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, संबंधित बैंक शाखा में जाकर खाते को बच्चे के आधार नंबर से लिंक कराने और डीबीटी सक्रिय कराने की प्रक्रिया भी तीन दिन के भीतर ही अनिवार्य रूप से पूरी कर लें। उन्होंने बताया कि योजना का भुगतान अब केवल आधार से लिंक और डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में ही किया जाएगा।
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