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Barabanki News: दशहराबाग, लखपेड़ाबाग और आवास विकास में अवैध कोचिंगों का मकड़जाल

Wed, 24 Jun 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिला मुख्यालय पर अवैध कोचिंगों का मकड़जाल है। दशहराबाग, लखपेड़ाबाग और आवास विकास में कदम-कदम पर उज्जवल भविष्य का सपना दिखाने वाले संस्थान बिना पंजीयन संचालित हैं। बात सिर्फ पंजीकरण की नहीं है, इन संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। कहीं सकरी गली तो कहीं सिर्फ आने-जाने के लिए एक ही रास्ता है। वेंटिलेशन तक की व्यवस्था नहीं है। मंगलवार को शहर के पाॅश इलाकों में कोचिंग संस्थानों की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आ गई।
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संकल्प कैरियर कोचिंग हैदरगढ़ मार्ग
नीचे अस्पताल, ऊपर कोचिंग, जीना संकरा
यह संस्थान असुरक्षित तरीके से इमारत की दूसरी मंजिल पर चल रहा है, जबकि इसके ठीक नीचे ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में एक निजी अस्पताल का संचालन होता है। शॉर्ट सर्किट या आग लगने की स्थिति में नीचे भर्ती मरीजों और ऊपर पढ़ रहे छात्रों के पास बचने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं है। बाहर लगा लोहे का अत्यंत संकरा जीना भी आपात स्थिति में खतरनाक साबित हो सकता है।
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अवध स्टडी सेंटर वेदपुरम् दशहराबाग
बेसमेंट में कक्षाएं, बन सकता है गैस चैंबर
पंचमदास कुटी के पास स्थित इस सेंटर की व्यवस्था बेहद डरावनी है। कोचिंग और लाइब्रेरी का संचालन सीधे बेसमेंट और दूसरी मंजिल पर होता है। सैकड़ों बच्चों के आने-जाने के लिए पूरी बिल्डिंग में सिर्फ एक ही मुख्य दरवाजा है। वेंटिलेशन और खिड़कियों के नाम पर पूरा हॉल पैक है, जो हादसे के वक्त गैस चैंबर बन सकता है।
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दिशा इंस्टीट्यूट पंचमदास कुटी के पीछे
शीशे के कवच में बंद संस्थान
एक बेहद तंग और संकरी गली में संचालित इस संस्थान ने अपनी पूरी बिल्डिंग को बाहर से शीशे से कवर कर रखा है। संकरी गली होने के कारण यहां हवा की आवाजाही वैसे ही कम है, ऊपर से पूरी तरह शीशे से पैक होने के कारण हादसे के समय जहरीला धुआं बाहर नहीं निकल पाएगा। फायर ब्रिगेड की गाड़ी यहां नहीं सकती।

गनपति कंप्यूटर सेंटर दशहराबाग
अव्यवस्थित वायरिंग और पतला जीना
राम चबूतरा के सामने एक रिहायशी मकान की दूसरी मंजिल पर यह सेंटर चलाया जा रहा है। यहां तक पहुंचने का रास्ता बेहद पतला और घुमावदार है। दर्जनों कंप्यूटरों के लोड और बिजली की अव्यवस्थित वायरिंग के बीच बिना किसी फायर सेफ्टी सिलिंडर के छात्र बैठते हैं, जहां अनहोनी होने पर दमकल गाड़ियों का पहुंचना नामुमकिन है।

जिम्मेदार अधिकारियों बोले
जनपद में केवल 17 मान्यता प्राप्त कोचिंग संस्थानों की सूची सार्वजनिक की गई है और नए पंजीकरण पर रोक है। राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की विशेष टीम गठित की जा रही है, जो जल्द ही ब्लॉकवार निरीक्षण कर अवैध केंद्रों को सील करेंगे।
- अमिता सिंह, डीआईओएस

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तकनीकी रूप से कोचिंग संस्थान सीधे हमारे दायरे में नहीं आते, फिर भी लखनऊ की घटना के बाद हम गंभीर हैं। सभी संस्थानों को निकास के लिए दो रास्ते बनाने, पर्याप्त वेंटिलेशन रखने और पूरे एरिया को शीशे से कवर न करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षित संचालन के लिए दो रास्ते हर हाल में बनाने होंगे, चाहे इसके लिए बिल्डिंग का हिस्सा ही क्यों न तोड़ना पड़े।
- अनिमेष सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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रिकॉर्ड में सिर्फ ये 17 संस्थान हैं वैध
डीआईओएस के मुताबिक उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली 2002 के तहत 17 संस्थानों को ही मान्यता है। वैध संस्थानों में विनायक क्लासेज दशहराबाग, एसएस कोचिंग सेंटर बीबीपुर, जीनियस- एपी कोचिंग लखपेड़ाबाग, जीनियस एकेडमी सतोखर, संकल्प कैरियर एकेडमी दशहराबाग, वर्मा क्लासेज बड्डेपुर, वेदांत क्लासेज रामनगर, सिंहथा क्लासेज दशहराबाग, टारगेट कोचिंग हैदरगढ़, आदर्श कोचिंग सेंटर फतेहपुर, आईपीएस क्लासेज दशहराबाग, एकाडमिया कोचिंग इंस्टीट्यूट दशहराबाग और आवास विकास, एबी कोचिंग क्लासेज बरेठी, कृष्णा कोचिंग कालेज शरीफाबाद, आरसी त्रिवेदी कोचिंग सेंटर, राघवपुर, आर्विट कोचिंग सेंटर और टैक्नॉलाजी आवास विकास शामिल हैं।
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