- एक पहल कृषक से कृषक तक समृद्धि कार्यक्रम के तहत होगा फोकस
- मिट्टी की जांच से लेकर बाजार में बेचने तक ब्यौरा डायरी में होगा दर्ज
- चुने जाएंगे एक एकड़ जमीन व खेती में रुचि रखने वाले प्रगतिशील किसान
बाराबंकी। फसलों का उत्पादन अच्छा हो और किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने समृद्धि कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत हर गांव में एक किसान का चयन किया जाएगा, जो आगे अपने साथियों को समृद्धि का रास्ता दिखा सकेंगे। प्रत्येक न्याय पंचायत पर एक-एक किसान को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। प्रत्येक किसान की एक डायरी बनेगी, जिसमें मिट्टी की जांच से लेकर फसलों की बिक्री व तीन साल का क्रॉप पैटर्न तैयार किया जाएगा।
सीडीओ एकता सिंह की निगरानी में कृषि विभाग ने एक पहल कृषक से कृषक तक समृद्धि कार्यक्रम शुरू किया है। इसके पीछे उद्देश्य है कि किसानों को प्रशिक्षित कर उनकी मृदा के अनुकूल फसलों का उत्पादन कराया जाए, ताकि लागत में कमी आए और किसानों के बेहतर मूल्य मिल सके। जिले की 1155 ग्राम पंचायतों में चुने जाने वाले फोकस्ड किसानों के पास कम से कम एक एकड़ जमीन व खेती बाड़ी में दिलचस्पी होनी चाहिए। इनका मार्गदर्शन करने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर मास्टर ट्रेनर किसान मौजूद रहेंगे। 136 न्याय पंचायतों के लिए किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, अब जुलाई के पहले सप्ताह में डीएम अविनाश कुमार इनके साथ बैठक कर आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे।
बनाई गई हैं 11 प्रबंधन समितियां
उपनिदेशक कृषि श्रवण कुमार ने बताया कि किसानों की सभी प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए 11 प्रकार की प्रबंधन समितियां बनाई गई हैं, जिनमें एक विभागीय अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक व एक प्रगतिशील किसान को शामिल किया गया है। प्रमुख रूप से उर्वरक, पेस्टिसाइड, मृदा स्वास्थ्य, रसायन, मार्केट, बीज व्यवस्था एवं प्रजाति चयन, कृषि लागत गणना, फसलों के अंतरराष्ट्रीय मानक, मिलेट्स उत्पादन, जल प्रबंधन एवं जल उपयोग, फसल विविधीकरण व कृषि डाटा एकत्रीकरण प्रबंधन व उपयोग समितियां शामिल हैं।
समृद्धि कार्यक्रम में न्याय पंचायत स्तर पर ट्रेनर व ग्राम पंचायत स्तर पर एक-एक किसान का चयन किया जा रहा है। मृदा के अनुकूल क्रॉप पैटर्न तैयार कर कृषि के लिए प्रेरित किया जाएगा। बाद में इसे सभी किसानों के लिए लागू किया जाएगा। - एकता सिंह, मुख्य विकास अधिकारी