बाराबंकी। देवा क्षेत्र के बबुरिहा गांव में सोमवार को घर में घुसे कुत्ते ने 80 साल के लकवाग्रस्त बुजुर्ग मंसाराम को जमकर नोचा। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग के शरीर पर चोट के अनगिनत निशान मिले। घटना के बाद ग्रामीणों ने कुत्ते को पीटकर मार डाला।
ग्रामीणों के अनुसार मंसाराम के चार बेटे हैं। इनमें तीन गांव में अलग-अलग घरों में रहते हैं जबकि एक पुत्र अमरेश सूत मिल के पास रहता है। मंसाराम पुराने घर में अकेले ही रहते थे। उनके बेटे समय पर भोजन पहुंचा जाया करते थे। मंसाराम की पत्नी की मौत करीब आठ साल पहले हो गई थी।
उनके शरीर का बायां हिस्सा लकवाग्रस्त था जबकि फेफड़ों और लीवर में भी संक्रमण की समस्या थी। सोमवार को वह घर पर लेटे थे। इसी दौरान एक कुत्ता घर में घुस आया और उन पर हमला कर दिया। बचाव के प्रयास में बुजुर्ग ने कुत्ते को पकड़ने की कोशिश की लेकिन कुत्ते ने उनके हाथ-पैर सहित शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला।
बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुत्ते को घेर लिया और मार डाला। घायल मंसाराम को दोपहर करीब 3:50 बजे एंबुलेंस से सीएचसी देवा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां रात में उनकी मौत हो गई। शहर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
देवा के प्रभारी निरीक्षक आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि मृतक के पुत्र अमरेश ने आरोप लगाया है कि अन्य तीन भाइयों ने पिता का समुचित इलाज नहीं कराया। वह बीमार रहते थे। उसकी शिकायत पर जांच की जा रही है।
बुजुर्ग का अंतिम संस्कार, एक बेटा है होमगार्ड
देवा के बबुरिहा गांव में कुत्ता के हमले में घायल बुजुर्ग मंसाराम की मौत के बाद मंगलवार को गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के चार पुत्रों में से सबसे बड़े मनोज वर्मा देवा कोतवाली में होमगार्ड हैं जबकि राजेश व राजकुमार खेती करते हैं।
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48 घंटे में 64 को लगे एंटी रेबीज इंजेक्शन
बबुरिहा गांव में सोमवार को कुत्ते ने बुजुर्ग पर हमला किया था। उस दिन सीएचसी देवा में 25 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। अगले दिन मंगलवार को भी 39 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगे। डॉ. नीरज ग्रोवर के अनुसार रोजाना ऐसे मामले बड़ी संख्या में आ रहे हैं।