रामनगर (बाराबंकी)। बाराबंकी-गोंडा रेलखंड के बीच स्थित एल्गिन ब्रिज पर डाउन लाइन से गुजरी ओएचई लाइन रविवार की सुबह टूट गई। इससे इस रूट पर करीब चार घंटे तक ट्रेनों का संचालन ठप रहा। इसके चलते जगह-जगह स्टेशनों पर ट्रेनें खड़ी रहीं। ट्रेनों के घंटों खडे़ रहने से यात्री परेशान रहे। एल्गिन ब्रिज पर पहुंचे ओएचई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने टूटे तार को रस्सी के सहारे खंभे से बांध कर दोपहर में रूट पर संचालन शुरू कराया। देर शाम तक तार को जोड़ा नहीं जा सका। रेल कर्मियों का कहना है कि पक्षियों के टकरा जाने से तार में स्पार्किंग हुई और वह टूट गया। बाराबंकी-गोंडा रेलखंड के बीच स्थित एल्गिन ब्रिज पर डाउन लाइन से गुजरी ओएचई (ओवर हेड इलेक्ट्रिक) लाइन रविवार की सुबह करीब सवा नौ बजे टूट गई। मामला संज्ञान में आने पर रेलवे के अधिकारियों ने इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया। मौके पर पहुंचे रेलवे कर्मियों ने बताया कि दो कौवे लड़ते हुए तार से टकरा गए, जिससे दोनों कौवे झुलस कर मर गए। कौवों के टकराने से तार में स्पार्किंग हुई और तार टूट गया। इसके चलते इस रूट से गुजरने वाली सभी ट्रेनों को जहां-तहां स्टेशनों पर रोक दिया गया। राप्ती सागर एक्सप्रेस व गोरखपुर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस बाराबंकी जंक्शन पर करीब एक घंटे तक खड़ी रही। वहीं, चौकाघाट रेलवे स्टेशन पर लखनऊ-गोंडा पैसेंजर को करीब तीन घंटे रोका गया। बुढ़वल रेलवे स्टेशन पर सीतापुर-गोंडा पैसेंजर काफी देर रुकी रही। वहीं, बिंदौरा रेलवे स्टेशन पर बांद्रा एक्सप्रेस काफी देर तक खड़ी रही। चौकाघाट पुल पर मालगाड़ी खड़ी रही। इन सभी ट्रेनों के घंटों खड़े रहने से जनरल व स्लीपर कोच में सवार बच्चे, बूढ़े और महिलाएं परेशान रहीं। बिंदौरा व चौकाघाट स्टेशनों पर खाने पीने की असुविधा के चलते यात्रियों का खासी परेशानी उठानी पड़ी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ओएचई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और टूटे तार को रस्सी से बांध कर पोल के सहारे डाउन लाइन से हटाया। इसके बाद दोपहर करीब पौने दो बजे ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। इस रूट से सबसे पहले मालगाड़ी को गुजारा गया। दोपहर ढाई बजे तक ओएचई वैन मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। बुढ़वल रेलवे स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर पीके शर्मा ने बताया कि तार टूटने के चलते गोंडा रूट की डाउन लाइन बाधित रही। इसके चलते ट्रेनों को कई स्टेशनों पर खड़ा किया गया था।