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सत्यापन को भेजी सूची में किया खेल

Tue, 21 Oct 2014 05:31 AM IST
Barabanki
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बाराबंकी। शिक्षामित्र से शिक्षक बने लोगों का वेतन भुगतान जिले में बहुत आसान नहीं दिख रहा है। इनके अंक पत्रों के सत्यापन में शिक्षा विभाग ने जानबूझ कर खेल किया है। इसके पीछे शिक्षामित्रों के दो संगठनों के आपसी टकराव और विभाग के कुछ बाबुओं की मिलीभगत को वजह माना जा रहा है। विभाग की ओर से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को अंक पत्रों के सत्यापन की जो सूची भेजी गई है, उसमें कई शिक्षामित्रों के इंटरमीडिएट में दर्शाए गए प्राप्तांक पूर्णांक से भी अधिक हैं। जाहिर है कि इससे सत्यापन में अड़ंगा लगेगा। सत्यापन की फाइलें बोर्ड से फिर लौटकर विभाग को आएंगी। मालूम हो कि जब तक सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो जाएगा तब तक शिक्षामित्र से शिक्षक बने लोगों का वेतन भुगतान नहीं होना है। विभाग के स्तर से की गई इस गड़बड़ी की शिकायत सचिव बेसिक शिक्षा परिषद और बेसिक शिक्षामंत्री से की गई है।
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परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती दिए जाने के आदेश शासन स्तर से जारी किए गए थे। अब इनको वेतन दिया जाना है, इसके लिए अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। लेकिन विभाग ने शिक्षामित्रों के सत्यापन की जो सूची भेजी है, उसमें भी जमकर खेल किया गया है। मामले में जोरावरपुर थोरथियान निवासी गनेश प्रसाद ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद और बेसिक शिक्षामंत्री से शिकायत की है। बताया है कि जो सूची वह माध्यमिक शिक्षा परिषद वाराणसी से लाए थे, वही सचिव बेसिक शिक्षा परिषद और बेसिक शिक्षा मंत्री को भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि बीएसए ने 29 सितंबर 2014 को इंटरमीडिएट के अंक पत्र का सत्यापन किए जाने की जो सूची भेजी है, उसमें खेल किया गया है। क्रम संख्या 231 पर सीमा देवी का नाम दर्ज है। सूची में इंटरमीडिएट के अंक पत्र में इन्हें 500 में 669 अंक हासिल किया जाना दिखाया गया है। क्रसं 277 पर कविता सिंह को 500 में 725, क्रसं 291 में अल्पना वर्मा को 500 में 718 अंक पाया जाना दिखाया गया है। इसी प्रकार क्रसं 301, 368, 347, 728, 807, 850, 861, 868, 877, 882, 885 पर जिन शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाया गया है उनके अंक पूर्णांक से अधिक दर्शाए
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गए हैं।
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