बाराबंकी। दुराचार व पाक्सो एक्ट के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 25 हजार रुपया जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। मामला थाना बड्डूपुर क्षेत्र के एक गांव का है। आरोपी ने 11 वर्षीय बालिका को घर में ले जाकर उससे दुराचार किया था। अदालत ने जुर्माने की धनराशि में से 20 हजार रुपया पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा ने बताया कि 12 अक्तूबर 2013 को थाना बड्डूपपुर क्षेत्र के एक गांव में एक 11 वर्षीय बालिका घर के बाहर किसी कार्य से गई थी। वापस आते समय गांव के ही रामबरन ने उसे बहाने से घर बुला लिया। आरोपी ने पीड़िता को घर में ले जाकर उससे दुराचार किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। परिवारीजनों के तलाश करने पर पीड़िता रामबरन के घर में खून से लथपथ पाई गई थी जबकि आरोपी मौके से भाग गया था। होश में आने पर पीड़िता ने परिवारीजनों को आप बीती बताई। वारदात की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने बड्डूपुर थाने में दर्ज कराई। मामले अभियोजन पक्ष द्वारा पीड़िता समेत पांच गवाह पेश किए गए। बयान में पीड़िता ने न्यायालय पर अपने साथ ही वारदात को बताया। दोनों पक्षों की बहस को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने आरोपी रामबरन को दुराचार व पाक्सो अधिनियम की धारा में दोषी पाते हुए उम्र कैद व 25 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि में से पीड़िता को 20 हजार रुपये दिए जाने का आदेश
दिया है।