बाराबंकी। आज के मॉडर्न जमाने में भी करवा चौथ मनाने को लेकर पीढ़ी अंतराल के बावजूद कोई खास बदलाव नहीं आया है। रिश्तों और पुरानी परंपराओं को सहेजने में नई पीढ़ी भी कोर कसर नहीं छोड़ रही है। आधुनिकता का बदलाव जरूर है, लेकिन संस्कृति और परंपराओं को निभाने की पूरी ललक नव विवाहिताओं में साफ दिखाई देती है। मगर इस बार नव विवाहिताएं करवा चौथ का व्रत नहीं रख सकेंगी। मानस मर्मज्ञ पंडित प्रमोद पाठक ने बताया कि शुक्र श्रंगार व सौभाग्य का स्वामी होता है। इस समय शुक्र अस्त है, इसलिए नव विवाहिताएं करवा चौथ का व्रत नहीं रह सकेंगी। इसके अलावा करवा चौथ का निरंतर व्रत कर रहीं सुहागिनों का उत्साह पहले जैसा ही है। उन्होंने करवा चौथ को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं।
हर सुहागिन की करवा चौथ व्रत को लेकर तमाम कल्पनाएं होती हैं, लेकिन जिले में ऐसी कई विवाहिताएं हैं जिनके पति नौकरी करने के कारण परदेश या फिर दूसरे शहर में हैं। ऐसे में करवा चौथ पति की गैर मौजूदगी में ही मनाना पड़ता है। यह पल पति से जुदाई उनके करवा चौथ का रंग फीका कर देता है। कुरौली निवासी अर्चना के पति का ट्रांसफर आउट ऑफ स्टेशन हो गया। अर्चना बताती हैं कि उन्होंने पति के साथ करवा चौथ पर कई प्रोग्राम बनाए थे। पति भी काफी उत्साहित थे, लेकिन व्यस्तता के कारण वह घर नहीं आ पा रहे हैं। अर्चना का कहना है कि करवा चौथ पर चांद की पूजा के बाद वह मोबाइल पर पति को देखकर व्रत संपन्न करेंगी। लखपेड़ाबाग निवासी सरिता जायसवाल को भी करवा चौथ पर पति से दूर रहना पड़ेगा। उन्होंने ने बताया कि सासू मां ने उनकी खूब तैयारी करवाई है। गहने और साड़ी समेत मेकअप का सामान उन्हें दिलवाया है। कहा कि करवा चौथ पर वह पति से फोन पर बात करेंगी और फोटो देखकर ही व्रत संपन्न करेंगी।