सिद्धौर (बाराबंकी)। ग्राम पंचायत गुमटा में बुखार से पीड़ित तीन बच्चों की जान जा चुकी है और कई लोग पीड़ित हैं। इसकी सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। इससे रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। वे स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन किया। सीएमओ के दुबारा निर्देश पर जब डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची तब जाकर प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए।
क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुमटा में बुखार की चपेट में आकर अयूब के 11 वर्षीय पुत्र की कुछ दिनों पूर्व मौत हो गई थी। यही नहीं तीन दिन पूर्व बदरूद्दीन के दो वर्षीय पुत्र अल्केज की मौत जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हो गई। उसी रात मुकुल के पुत्र हसनैन (3) ने भी दम तोड़ दिया। इसके अलावा गांव के कई लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान निहाल खां ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोठी पर दी। तीन बच्चों की मौत और कई लोगों के पीड़ित होने के बाद भी डॉक्टरों की टीम गांव नहीं पहुंची। मामले की शिकायत प्रधान ने सीएमओ से की जिस पर सीएमओ डॉ. आनंद ओझा ने शनिवार को गांव में टीम भेजने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी डॉक्टर गांव नहीं पहुंचे। इससे नाराज ग्रामीणों ने रविवार को गांव के बाहर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया और डॉक्टराें की टीम गांव बुलाने की मांग करने लगे। जानकारी पर सीएमओ ने पीएचसी सिद्धौर प्रभारी डॉ. राजीव को गांव में टीम भेजने के निर्देश दिए। डॉ. मनोज सिंह के साथ अन्य स्वास्थ्यकर्मी दोपहर करीब 12 बजे गांव पहुंचे। तब जाकर प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए। डॉक्टर ने बुखार से पीड़ित प्रिंस (4), मोहम्मद कैफ (5), रूबी (3), नब्बू खां (9), नाजिया बानो (12) चंदन (5) सादिक (7), राधा (4) रानी (6) सुरसती देवी (8 माह) जफरुद्दीन (5) समेत करीब 45 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दीं।