बाराबंकी। पुलिस विभाग में तैनात बीमारी से परेशान एक सिपाही ने सोमवार की शाम घर के कमरे में पंखे से फांसी पर लटककर जान दे दी। सिपाही गोरखपुर जिले के खलीलाबाद का रहने वाला था और बाराबंकी में जिला अभियोजन कार्यालय में तैनात था। पुलिस व मृतक सिपाही के परिवारीजनों का कहना है कि वह बीमारी से परेशान रहता था। इसी के चलते फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली है।
गोरखपुर जिले के खलीलाबाद के रहने वाले रामानुजराय (40) पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात थे। वह पांच साल से शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में नेहरूनगर मोहल्ले के रहने वाले राजकुमार तिवारी के मकान में किराए पर रहता था। रामानुज वर्तमान समय में जिला अभियोजन कार्यालय मेें तैनात था। सोमवार की शाम करीब पांच बजे उनकी पत्नी सरोज राय बाजार में दूध लेने गई थी और उनके बच्चे सत्यम व खुशी दूसरे कमरे में टीवी देख रहे थे। इसी बीच रामानुज एक कमरे में पंखे से फांसी का फंदा बनाकर उस पर लटक गया। पिता द्वारा फांसी लगाने की जानकारी होने पर बच्चों ने दौड़कर अपनी मां को बुलाया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे सिविल लाइंस चौकी प्रभारी सतीश सिंह व मोहल्ले के सभासद अजय तिवारी ने सिपाही को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी उर्मिला ने कहा कि रामानुज पेट की बीमारी से परेशान रहते थे। शायद इसी के चलते उन्होंने ऐसा कदम उठाया है।
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जिला अभियोजन कार्यालय में तैनात सिपाही रामानुज राय ने फांसी लगाकर जान दे दी है। उनका शव घर के अंदर कमरे में पंखे से लकटता मिला है। सिपाही ने बीमारी के चलते आत्महत्या की है।
अशोक पांडेय, प्रभारी शहर कोतवाल