बाराबंकी। दो नाबालिग बहनों के अपहरण व उनके साथ दुराचार के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने चार अभियुक्तों को अलग-अलग कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं दो अभियुक्तों के नाबालिग होने के कारण उनका मामला किशोर न्यायालय भेज दिया गया है जबकि एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है। मामला कोठी थाना क्षेत्र का है। जुलाई 2011 में दोनों बहनों को अगवा कर दिल्ली ले जाकर दुष्कर्म किया गया था।
एडीजीसी अमर सिंह यादव ने बताया कि 27 जुलाई 2011 को कोठी थाना क्षेत्र में एक गांव के नंद किशोर, रविंदर, गुड्डू, रामकमल, उदयराज, राजू तथा बिनाका दो नाबालिग बहनों को अगवा कर ले गए थे। आरोपी दोनोें बहनों को हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन से दिल्ली ले गए और वहां पर दोनों को अलग-अलग कमरों में रखा। वहां बड़ी बहन के साथ राजू व रविंदर ने तथा छोटी बहन के साथ उदयराज ने रेप किया। पुलिस की सख्ती पर दो अगस्त को बड़ी बहन को रविंदर कोठी क्षेत्र के मदारपुर चौराहे के पास व चार अगस्त को उदयराज छोटी बहन को कोठी थाने के पास छोड़कर भाग गया। घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना कोठी में दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों किशोरियों का मेडिकल कराकर कलम बंद बयान दर्ज कराया था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान पीड़िताओं समेत गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश आरबीएस मौर्या ने आरोपी राजू को अपहरण व दुराचार की धाराओं में दस साल की कैद व दस हजार रुपये का जुर्माना वहीं नंद किशोर, रामकमल व गुड्डू को अपहरण का दोषी पाते हुए सात साल की कैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी रविंदर व उदयराज के नाबालिग होने के कारण उनका मामला किशोर न्यायालय भेज दिया गया जबकि आरोपी बिनाका को संदेह के लाभ में कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है।