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...मेरे राम-राम-राम, मेरा रब ही है राम

Fri, 25 Oct 2013 05:39 AM IST
Barabanki
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देवां (बाराबंकी)। भजन हो या रामलीला का मंचन, दोनों ही प्रस्तुतियों में राम के नाम की धूम रही। भगवान के भजन और रामचरित मानस पाठ व मंचन से दर्शक भक्ति रस में डूब गए। भजन के जरिए उनका भक्ति का नजरिया हाजी वारिस की धरती पर भाईचारे के संदेश को और मजबूत कर गया। कार्यक्रम में भक्ति रस की ऐसी रसधारा बही कि पूरा वातावरण ही राममय हो गया। गुरुवार की देर रात शुरू हुए मानस कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च न्यायालय लखनऊ के न्यायमूर्ति सत्येंद्र सिंह चौहान ने किया। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक रेलवे रिजवान अहमद ने कहा कि यहां आकर पूजा पाठ का अनुभव हो रहा है। शिरकत कर अपने को धन्य मान रहा हूं। यह देश सूफियों, मुनियाें और संतों का देश कहा जाता है। अनेकता में एकता है, लेकिन मौजूदा समय में परंपराएं टूट रही हैं। इसलिए भाईचारे को बढ़ावा मिलना चाहिए। इसके थोड़ी देर बाद ही भजन गायक वीरेंद्र ने पहला भजन राम को समर्पित किया। मेरे राम-राम-राम, मेरे राम-राम-राम, मेरा रब ही है राम...। एक अयोध्या मेें दिखलाए, एक मदीने में दरसाए.. को सुमधुर आवाज में गाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद कांवरिया मेरी नैय्या करा दे पार.., आ के रो रहा है मोहम्मद के शहर में.. आदि भक्ति गायन कर फिर से लोगों को भक्ति रस मेें डुबो दिया। इसके साथ ही मंच पर ग्रामीण युवा मंच ने बात का बतंगड़ नुक्कड़ नाटक तथा फूलचंद कनौजिया की ओर से अहिल्या उद्धार से धनुष भंग का मंचन किया गया। इस दौरान वातावरण राममय हो गया। इस मौके पर डीएम, जिला सत्र न्यायाधीश सीतापुर आरती पांडेय, एडीएम, एसपी, एएसपी, दिनेश पांडेय, अवधेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
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