बाराबंकी। मौसम बदलने के साथ ही तेज बुखार ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बुुखार से पीड़ितों को झटके भी आ रहे हैं। परिवारीजन पीड़ितों का उपचार जिला अस्पताल या फिर निजी डॉक्टरों से करा रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को करीब नौ सौ मरीज देखे गए। इनमें 450 मरीज सिर्फ बुखार और सर्दी जुकाम से पीड़ित थे। लखपेड़ाबाग निवासी राजरानी (39), लल्ली देवी (42), कलावती देवी (65), अमन (14), आकांक्षा (17), करन (7), उपमा (32), लवलेश (35), रागिनी (3), रूप रागिनी (5), लाले (8) कटरा निवासी रुचि मिश्रा (38), पीरबटावन निवासी राधेलाल (29) पिछले कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित हैं। मरीजों का कहना है कि तेज बुखार के साथ झटके भी आते हैं। बुखार इतनी तेज आता हैं कि आंखें और पूरा शरीर लाल हो जाता है। सिर चकराने के साथ ही हाथ व पैरों में जलन होनेे लगती है। ऐसे पीड़ित अपना इलाज निजी चिकित्सक या फिर जिला अस्पताल में करा रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इस समय बुखार के सबसे अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें परिवारीजनों को किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
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तेज धूप से बचें लोग
मौसम में बदलाव की वजह से इस समय जिला अस्पताल की ओपीडी में सबसे अधिक मरीज बुखार और सर्दी जुकाम से पीड़ित आ रहे हैं। ओपीडी में बृहस्पतिवार को करीब नौ सौ मरीज देखे गए। इनमें से 450 मरीज तो बुखार से संबंधित थे। सीएमएस का कहना है कि सुबह और शाम को मौसम ठंडा हो जाता है। दिन में तेज धूप निकलती है। इससे आम आदमी को बचना चाहिए। रात में पंखे का प्रयोग न करें और मच्छरों से बचाव रखे। यदि बुखार आता है तो तत्काल निकट के सरकारी अस्पताल से संपर्क करें।
डॉ. सर्वेश सक्सेना, सीएमएस