बाराबंकी। संतान न होने व दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति व ससुर को दस-दस साल और सास को पांच साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामला कोतवाली नगर की ग्राम पंचायत भुहेरा का है। यहां के निवासी दिनेश यादव की पत्नी वीरमती ने प्रताड़ना से तंग आकर पांच दिसंबर 2004 को आग लगा ली थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा ने बताया कि सतरिख के डल्लूखेड़ा मजरे भोजपुर निवासी रामप्रताप ने अपनी बहन की शादी भुहेरा निवासी दिनेश यादव के साथ वर्ष 1999 में की थी। दहेज में एक वैन की मांग को लेकर आए दिन मारते-पीटते थे। वीरमती के कोई संतान न होने की वजह से भी उसे ताना देते थे। इससे क्षुब्ध होकर वीरमती ने पांच दिसंबर 2044 को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट मृतका के भाई राम प्रताप ने दर्ज कराई थी। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश डॉ. राजेश सिंह ने आरोपी पति व ससुर को दस-दस तथा सास को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों अभियुक्तों पर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि में से 50 हजार रुपये मृतका के भाई को दिए जाने का अदालत ने आदेश किया है।