देवां (बाराबंकी)। ‘जो रब है वही राम है’ का संदेश देकर दुनिया भर में मशहूर हुए सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की पवित्र धरती देेेेवां पर लगने वाला ऐतिहासिक महोत्सव रविवार से शुरू हो रहा है। अफसोस की बात यह है कि आधी-अधूरी तैयारियाें के बीच देवां मेला एवं महोत्सव का आगाज होगा। कदीमी रिवायतोें के बीच जिलाधिकारी ऐतिहासिक शेख हसन द्वार पर शाम पांच बजे फीता काटकर मेले का शुभारंभ करेंगी। उद्घाटन के साथ ही सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी जायरीन के लिए खुल जाएंगे। मेला शुरू होने में जबकि कुछ घंटे ही शेष हैं तो ऐसे में हाई प्रोफाइल मेले में अधूरी तैयारियां मेले को ग्रहण लगाती नजर आ रही हैं। मेले में लगाए गए फटे व गंदे टेंट, परिसर में जगह-जगह गंदगी की भरमार, खराब प्रकाश व्यवस्था, मच्छरों का प्रकोप व परिसर में लुटेरों का खौफ मेले की प्रतिष्ठा को फीका कर सकती है। व्यवस्था से जुड़े अफसरों व इंतजामिया कमेटी का गैर जिम्मेदाराना रवैया देख वारिस पाक के चाहने वाले भी इस बार स्तब्ध हैं और अगुवाकारों को कोस रहे हैं।
ऐतिहासिक देवां महोत्सव शुरू होने में चंद घंटे ही शेष हैं। ऐसे में यहां की पिछड़ी व कामचलाऊ तैयारियां इस बार चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ऐसा लगता है कि जैसे पूर्व के वर्षों में सफलता की सीढ़ी-दर-सीढ़ी चढ़कर पूरे देश में खास पहचान बना चुका देवां मेला इस बार बदइंतजामी की मिसाल बनने जा रहा है। यहां की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए हालांकि देवां मेला प्रदर्शनी समिति की अध्यक्ष/ जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. व मेला सचिव/ एडीएम जेपी सिंह ने काफी पहले से ही मातहतों व मेला समिति के साथ बैठकें कर निर्देश दिए। मातहतों की लापरवाही से उनके निर्देश कागजी घोड़े ही साबित हुए। डीएम के मेला संबंधी तैयारियों को हर हाल में बीती 15 अक्तूबर तक पूरा करने के निर्देश का सच 16 अक्तूबर की समीक्षा बैठक में उजागर हुआ तो मातहतों ने कार्य प्रगति पर है कहकर टाल दिया। इस जुमले की आड़ में अपनी कमी छुपाने वाले सरकारी र्मचारी व मेला कमेटी के सदस्य एक दिन पहले तक व्यवस्था को लेकर हवाई दावे करने में मशगूल रहे। सफाई व प्रकाश व्यवस्था, फागिंग, दुकानदारों का भूमि आवंटन आदि का काम वास्तविकता के धरातल पर फिसड्डी साबित हो रहा है। वहीं मेले में आए व्यापारियों के साथ निरंतर हो रही लूट व चोरी की वारदात ने उन्हें डरा दिया है जिससे यहां पर सुरक्षा की पोल भी खुल गई है। इतना ही नहीं मेला कमेटी के सम्मानित सदस्यों के लिए बनने वाले अस्थाई कैंप भी इस बार अव्यवस्था का शिकार हैं। कई सदस्यों के लिए बनाए गए कैंपों की सीलिंग काफी गंदी व पुरानी है। तो कहीं फटे पर्दे लगाकर औपचारिकता निभाई गई है। हां बाहरी दिखावे के तौर पर लगाए गए पर्दे की स्वच्छता का ध्यान देकर कार्यदायी फर्म ने फर्ज अदायगी की है। मेले में आए व्यापारी शमशाद अलीगढ़, मदन गाजीपुर, अमान बदायूं, शमशेर मुजफ्फरनगर का कहना है कि इतने पाक व विख्यात मेले की व्यवस्था इस बार इतने बड़े पैमाने पर अव्यवस्था में बदल जाएगी, यह हम लोगोें ने सपने में भी नहीं सोचा था। कहा कि इस बार जायरीन इस मेले में बदइंतजामी की कसक लेकर लौटेगा।