बाराबंकी। गोरखपुर-बाराबंकी रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। बाराबंकी रेल यार्ड में सोमवार को इसके लिए कार्य भी शुरू हो गया है। विभागीय लोगों की मानें तो दोहरे मार्ग पर दो माह में रेलगाड़ियां दौड़ने लगेंगी। इससे रेल परिचालन में आसानी तो होगी ही साथ में यात्रियों को भी इस रूट पर लेटलतीफी से छुटकारा मिल जाएगा।
गोरखपुर-बाराबंकी रेलखंड के दोहरीकरण व विद्युतीकरण का कार्य किया जाना है। जहांगीराबाद रेलवे स्टेशन से काफी आगे तक दोहरीकरण के लिए लाइन बिछाई जा चुकी है। इस मार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य भी किया जा चुका है। इसके बाद दोहरीकरण कार्य को रोक दिया गया। रेल विभाग ने इस अधूरे कार्य को जल्द पूरा करने के लिए सोमवार से कार्य शुरू करा दिया है। बाराबंकी जंक्शन से जहांगीराबाद की लाइन को जोड़ा जाना है। इसके तहत पुरानी लाइनों को बदल कर नई लाइनें बिछाई जानी हैं। कार्य बाराबंकी रेल यार्ड से शुरू किया गया है। साथ ही विद्युतीकरण के लिए ओएचई लाइन (ओवर हेड इलेक्ट्रिक) पर कर्मियों ने कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों की मानें तो ट्रैक का आधुनिकीकरण किया जाएगा जिससे अपनी निर्धारित रफ्तार से इस रूट से अधिक से अधिक ट्रेनें गुजर सकें। इसके अलावा ऑटोमैटिक सिग्नल की व्यवस्था होगी जिससे केबिन में बैठकर ही ट्रेनों को सिग्नल दिया जा सकेगा। कार्य में करीब डेढ़ से दो माह का समय लगने उम्मीद है। इसके बाद ट्रेनों के संचालन में सहूलियत बढ़ जाएगी। ट्रैक को बदलने व जोड़ने के कार्य में लगे एईएन रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि सोमवार से कार्य शुरू करा दिया गया है।