बाराबंकी। पूर्व ऊर्जा मंत्री को अपना करीबी बताकर नौकरी का झांसा देेकर लाखों रुपये ठगने वाले एक पूर्व एडीजीसी ने अपने रिश्तेदारों को भी नहीं छोड़ा। ठगी के आरोपी राकेश अवस्थी ने दिल्ली में कोचिंग चलाने वाले अपने फुफेरे भाई को बिजली विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर राकेश ने भाई से दो लाख रुपये लेकर उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। लेकिन जॉयनिंग करने पहुंचे भुक्तभोगी को फर्जीवाड़े का पता चला। पीड़ित ने पूर्व एडीजीसी के खिलाफ एसपी को प्रार्थना पत्र दिया है।
सरकारी नौकरी, ठेका और न्यायालय में स्टे दिलाने के नाम पर लोगों को लाखों का चूना लगाने वाले पूर्व एडीजीसी राकेश अवस्थी के कारनामों की परत दर परत खुलती जा रही है। राकेश अवस्थी के खिलाफ उसके फुफेरे भाई से दो लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। लखनऊ के गुडंबा थाना के बहादुरपुर क्षेत्र निवासी विपिन कुमार शुक्ला ने कप्तान वसीम अहमद को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि राकेश अवस्थी उसकी बुआ का बेटा है। जिसे बिजली विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली से बुलाया। दिल्ली में कोचिंग चलाने वाला विपिन सरकारी नौकरी के लालच में बाराबंकी आया और 10 जून 2010 को राकेश को नौकरी के नाम पर दो लाख रुपये की नकदी दी। खुद को पूर्व ऊर्जा मंत्री का करीबी बताने वाला राकेश रुपये लेकर शांत बैठ गया। काफी दबाव डालने पर राकेश अवस्थी ने विपिन को बिजली विभाग का फर्जी आदेश पत्र थमा दिया। नियुक्ति पत्र लेकर विभाग पहुंचे विपिन ने पता किया तो उसे जानकारी हुई कि उसे दिया गया आदेश पत्र फर्जी है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी बिजली विभाग, न्याय विभाग और मंडी परिषद में नौकरी दिलाने और कोर्ट से स्टे आर्डर दिलाने के नाम पर राकेश अवस्थी द्वारा पूर्व में ही आठ लोगों से 16 लाख 40 हजार ठगने का मामला प्रकाश आ चुका है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है लेकिन अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।