स्कूल से लौटते समय छात्रा का अपहरण करने के बाद हुई थी हत्या
- कुर्सी थाना क्षेत्र के देवकलिया गांव की थी निवासी
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। देवा कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर गांव के पास नहर किनारे शनिवार को जिस छात्रा का शव मिला था, उसकी पहचान हो गई है। छात्रा कुर्सी थानाक्षेत्र के दिकोलिया गांव की रहने वाली थी। छात्रा के पिता का कहना है कि 18 नवंबर को वह स्कूल से लौट रही थी तभी एक युवक उसका अपहरण कर ले गया था। जिसके बाद छात्रा की हत्या कर शव फेंक दिया गया है। पुलिस ने छात्रा के ही गांव के रहने वाले युवक व एक अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी जिसे गिरफ्तार कर अब हत्या की धारा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। मृतका के परिवारीजनों ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया है। छात्रा के साथ रेप करने की भी आशंका जताई जा रही है लेकिन पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस बात की पुष्टि हो सकेगी।
कोतवाली देवा क्षेत्र के गांधी नगर गांव के पास नहर किनारे मिली छात्रा के शव की पहचान अर्चना(14) पुत्री रामनरेश रावत निवासी ग्राम दिकोलिया थाना कुर्सी के रूप में हुई है। मृतका के पिता रामनरेश ने बताया कि रविवार को अखबार में निकली खबर पढ़ने के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहंचकर शव देखा तो बेटी अर्चना का था। पिता ने बताया कि बेटी अर्चना बड्डूपुर थाना क्षेत्र के समरदा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा 9 की छात्रा थी। इनका कहना है कि अर्चना 18 नवंबर की सुबह घर से स्कूल जाने के लिए पैदल निकली थी। बताया देर शाम तक जब बेटी घर नहीं लौटी तो उसकी तलाश की लेकिन पता नहीं लगा। फिर अगले दिन स्कूल जाकर पता किया तो बताया गया कि छुट्टी के बाद वह चली गई थी। जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मिलकर कार्रवाई की मांग की। पिता ने पहले अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी लेकिन बाद में शक होने पर गांव के ही सूरज यादव पुत्र देशराज यादव व एक अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी। जिस पर पुलिस ने छात्रा के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
छात्रा के पिता रामनरेश रावत ने बताया कि जब 18 नवंबर को बेटी गायब हुई तो उसकी तलाश करने के बाद अगले दिन 19 नवंबर को कुर्सी थाने में जाकर शिकायत की। लेकिन कुर्सी पुलिस ने बड़्डूपुर थाने का मामला बताकर वहां भेज दिया। जिसके बाद जब 21 नवंबर को बड्डूपुर थाने गए तो वहां पुलिस आज कल आने की बात कहकर कार्रवाई करने के बजाए टाल मटोल करती रही। जिसके बाद पीड़ित ने 23 नवंबर को एसपी कार्यालय में प्रार्थन पत्र दिया जिसके बाद भी पुलिस ने नहीं सुनी। इस बीच जब 25 नवंबर को छात्रा का शव बरामद हुआ तो पुलिस ने आनन फानन में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने की बात कहना शुरू कर दिया।
आरोपी के परिवारीजनों ने छात्रा के घर पर किया था हमला
घटना के आरोपी सूरज यादव के खिलाफ शिकायत करने पर उसके परिवारीजनों ने छात्रा के घर पर हमला बोल दिया था। मृतका के पिता रामनरेश ने बताया कि गांव में पता लगा कि सूरज 18 नवंबर से घर नहीं आया है। पिता ने बताया कि बेटी अर्चना भी सीतापुर नैमिषारण्य जाने की बात कह रही थी जबकि सूरज भी अपने घर से वहीं जाने की बात कहकर निकला था। इसका पता लगने पर ही सूरज के खिलाफ पुलिस से शिकायत की गई थी। हालांकि अब सक्रिय हुई पुलिस ने आरोपी सूरज यादव को गिरफ्तार किया है जबकि दूसरे अज्ञात के बारे में पता किया जा रहा है।
छात्रा के अपहरण की रिपोर्ट गांव के ही सूरज यादव व एक अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती है। आरोपी को गिरफ्तार किया गया है पीएम रिपोर्ट आने के बाद उसके खिलाफ हत्या व अन्य धारा बढ़ाई जाएगी।
- विजय सिंह, थानाध्यक्ष बड़्डूपुर