बाराबंकी। पशुपालन विभाग ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उत्थान और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष बकरी पालन योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। इस वर्ष विभाग को 16 इकाइयों का लक्ष्य मिला है, जिसको लेकर ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत एक बकरी इकाई की लागत 60 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसमें से 54 हजार रुपये सरकार अनुदान देगी।
वहीं लाभार्थी को छह हजार रुपये अपने पास से लगाना होगा। इस लागत में बकरियों की खरीद और उनके रखरखाव का इंतजाम किया जाएगा।
इसके साथ जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और निवास प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य हैं। सीमित लक्ष्य होने के कारण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि बकरी पालन की 16 इकाइयों का लक्ष्य इस साल मिला है। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति को 90 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा।