प्रशासन की जबरदस्त सख्ती के कारण बुधवार को प्रधानी के अंतिम चरण का मतदान शांतिपूर्वक निपट गया। चौथे चरण में मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया और रिकार्ड तोड़ 82 फीसदी वोटिंग कर 3344 प्रत्याशियों के भाग्य को मतपेटियों में बंद कर दिया है। बंकी, देवा, हरख और मसौली में मतदान के दौरान कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
पंचायत चुनाव के तीन चरणों में हुए बवाल और फायरिंग से सबक लेते हुए प्रशासन का रुख चौथे चरण में काफी सख्त रहा। पहले चरण और दूसरे चरण में बवाल तथा तीसरे चरण में फायरिंग और डीएम-एसपी के काफिले पर हुए पथराव के बाद जिलाधिकारी के तेवर काफी तीखे हो गए थे।
चौथे चरण का मतदान जिले के चार ब्लॉकों बंकी, देवा, हरख और मसौली में बुधवार को मतदाताओं ने जमकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एक दो मतदान केंद्रों को छोड़ दिया जाए तो कहीं पर किसी प्रकार के विवाद की बात सामने नहीं आई है। इन चारों ब्लॉकों में प्रधान के 282 पदों के लिए 1997 उम्मीदवार और ग्राम सदस्य के 3562 पदों के लिए 1347 कुल 3344 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। जिनका भाग्य बुधवार की शाम पांच बजे मतपेटियों में बंद हो गया।
चौथे चरण में मतदाताओं ने जमकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया जिसके चलते मतदान का प्रतिशत तीनों चरणों से सबसे ज्यादा रहा और वह 81.97 प्रतिशत पहुंच गया। अधिकांश मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ लग गई थी। मतदान केंद्रों पर तैनात किए गए पुलिस कर्मी पूरी तरह से मुस्तैद थे और मतदान के बाद किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र के आसपास रुकने नहीं दे रहे थे।
वहीं जिलाधिकारी ने पंचायत चुनाव में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले से सख्त आदेश दे रखा था कि इस बार जिस अधिकारी और पुलिस अधिकारी के क्षेत्र में विवाद वह सीधे जिम्मेदार होगा और उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यहीं कारण रहा है कि चौथे और अंतिम चरण का चुनाव जिला और पुलिस प्रशासन शांतिपूर्ण ढंग से कराने में सफल रहा है।
कहीं भी नहीं हुई री-पोलिंग
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश में बाराबंकी पहला ऐसा जिला है जहां पर पूरे पंचायत चुनाव के दौरान किसी भी मतदेय स्थल पर दोबारा चुनाव की नौबत नहीं आई है। यह जिले के लिए एक इतिहास भी बना है। उन्होंने कहा कि इससे आयोग को भी अवगत करा दिया गया है।
चौथे और अंतिम चरण के लिए जिले के चार ब्लॉकों बंकी, देवा, हरख और मसौती में वोट डाले गए। इस बार कहीं से किसी भी प्रकार के विवाद की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन की सख्ती का ही नतीजा रहा कि अंतिम चरण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
- योगेश्वर राम मिश्र, जिला निर्वाचन अधिकारी, जिलाधिकारी
पिछले चरण के चुनावों में हुई कुछ घटनाओं से सबक लेकर अंतिम चरण के लिए अलग रणनीति बनाई गई थी। ये संदेश दिया जा चुका था कि अगर किसी ने गड़बड़ी करने की कोशिश की तो वहीं पर सबक सिखाया जाएगा। इसी का नतीजा रहा कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्वक निपट गया।
- अब्दुल हमीद, पुलिस कप्तान