जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को चिकित्सक ढूंढे नहीं मिलते जबकि मरीज चिकित्सकों की तलाश में भटकते रहते हैं। इससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मौसम में आए बदलाव के कारण जिला अस्पताल में इन दिनों सर्दी, जुकाम, बुखार तथा सांस रोग से पीड़ित मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इससे अस्पताल की ओपीडी डेढ़ हजार से बढ़कर दो हजार के आसपास पहुंच गई है। गुरुवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ दिखाई दी लेकिन चिकित्सक अपने कक्षों में दिखाई नहीं दिए।
इससे मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लखपेड़ाबाग निवासी रामपाल ने बताया कि चार दिनों से वह बुखार से पीड़ित हैं। अभी तक निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। कोई लाभ न मिलने पर वह जिला अस्पताल आए।
पर्चा बनवाने के बाद चिकित्सक के कक्ष में पहुंचे तो वहां डॉक्टर नहीं मिले। उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इसी प्रकार रामसनेहीघाट के दिलोना से आए राधेश्याम ने बताया कि वह सर्दी-जुकाम से परेशान हैं।
सीएचसी पर दवा लेने गए थे लेकिन डॉक्टर नहीं मिले तो परिवारीजन जिला अस्पताल लेकर आ गए। घंटों इंतजार के बाद यहां भी चिकित्सक नहीं मिले। दो घंटे बाद डॉक्टर मिले तो उन्होंने बाहर से दवा लिख दी। बताया कि डॉक्टर एक कमरे में बैठे एमआर से बातें कर रहे थे।
सीएमएस डॉ. एसके सिंह ने बताया कि मौसम में आए बदलाव और जिला अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए सभी चिकित्सकों को अपने-अपने कक्षों में मौजूद रहकर मरीजों को देखने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद भी यदि कोई चिकित्सक अपने कक्ष से नदारद मिलता है तो इसकी जांच कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।