त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। गंदगी जलभराव के चलते संक्रामक बीमारी गांवों में पांव पसार रही हैं। शनिवार को एक अधेड़ की बुखार से मौत हो गई। सूचना के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों को पर्याप्त दवा व इलाज नहीं दे सकी। गांव में मिले करीब 28 मरीजों को इलाज के लिए निजी डॉक्टरों के यहां इलाज कराना पड़ा। आसपास के अन्य गांव के लोग भी संक्रामक बीमारी से पीड़ित हैं।
धौरहरा गांव में कई दिन से बुखार से पीड़ित चल रहे पुनवासी उर्फ मालिकदीन (58) की सीएचसी पर इलाज के दौरान मौत हो गई है। एक सप्ताह से बीमार होने पर गांव में इलाज कराते हुए शुक्रवार की रात को गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया था। मालूम हो बुखार से पीड़ित होकर गांव के अंकित की एक दिन पहले मौत होने और कई लोगों के बीमारी की सूचना ग्रामीणों ने सीएचसी पर दी थी।
इसके बाद भी चिकित्सकों की टीम गांव तक नहीं पहुंची। दूसरी मौत की सूचना पर शनिवार को चिकित्सकों की टीम आधी अधूरी तैयारी के साथ गांव पहुंची। मरीजों की संख्या अधिक होने पर कई को दवाएं नहीं मिल सकी। गांव में बुखार से पीड़ित बसंतलाल, हंसकुमार, ननकऊ, पीतांबर, युवराज, रामलली, प्रेमा, कलावती, रघुराजा, शिवपती, ललिता देवी, रेखादेवी, रजकला, शिवराजा, सिल्पी, दुर्गेश, दुक्कू, सुखराजा, महिमा, आराधना, मोहिनी, ज्याति ,चांदनी, अंकुश, मालती, केतकी, अभिषेक का इलाज किया।