इनमें 24 मामले पारिवारिक न्यायालय में निस्तारित किए गए। बैंकों द्वारा 396 मामले निस्तारण कर एक करोड़ 45 लाख 19 हजार रुपये जमा कराए गए। लोक अदालत में 6,74,840 रुपये अर्थ दंड जमा कराया गया।
मोटर दुर्घटना के 63 मामलों में 1 करोड़ 39 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर जनपद में राष्ट्रीय लोक अदालत का शनिवार को आयोजन किया गया था।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अभिषेक श्रीवास्तव के मुताबिक राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला मजिस्ट्रेट व अपर जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट द्वारा 33 हजार मामले व उपजिला मजिस्ट्रेट तथा चकबंदी अदालतों द्वारा पांच हजार मामले निस्तारण किए गए।
इसके अलावा प्रभारी जनपद न्यायाधीश एसपी अरविंद ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के नौ मामलों में 14 लाख 61 हजार रुपये प्रतिकर दिलाया।
अपर जिला जज जयशंकर मिश्रा ने तीन मामलों में दस लाख रुपये प्रतिकर, अपर जिला जज बीके शैलत ने 10 मामले निस्तारित कर 20 लाख 38 हजार रुपये मोटर दुर्घटना प्रतिकर दिलाने का आदेश किया।
एडीजे ज्ञानेश कुमार ने दस मामलों में 381603 रुपये जुर्माना व आरबीएस मौर्य ने चार मामलों में 143995 रुपये जुर्माना वसूल किया। एडीजे दयाराम ने 15 मामलों में 4262320 रुपये दुर्घटना प्रतिकर एवार्ड किया।
एडीजे सत्यदेव गुप्ता ने सात मामलों में 1116289 रुपये व उदयभान ने दस मामलों में 1724428 रुपये तथा बीरभद्र ने पांच मामले निपटाकर 707000 रुपये बतौर दुर्घटना प्रतिकर एवार्ड किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में सीजेएम कुमार प्रशांत ने 3313 मामले निस्तारित कर 138480 रुपये अर्थदंड वसूल किए।