बाराबंकी। कुत्ता और बंदर काटने से हर दिन करीब 70 लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। यहां जांच और चिकित्सकों की परामर्श के बाद इन्हें एआरवी की डोज दी जाती है। चार माह में करीब 9000 लोग कुत्ता और बंदर काटने का शिकार होकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंच चुके हैं।
जिला अस्पताल में शनिवार को करीब 62 लोगों को एआरवी लगाया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह बताते हैं कि एक माह में करीब 2000 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एक माह में करीब 2000 पीड़ितों को एआरवी की डोज दी जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों को पहले चिकित्सक से सलाह लेनी पड़ती है। इसके बाद चिकित्सक उनकी स्थिति का आकलन एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) देने के लिए भेजते हैं। यह प्रक्रिया नियमित रूप से चल रही है। (संवाद)