61 मिलर्स ने खड़े किए हाथ, प्रभावित होगी धान खरीद
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अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। धान मिल मालिकों ने बुधवार को मंडी सचिव को अपने लाइसेंस सरेंडर करते हुए सरकारी धान की कुटाई करने से हाथ खड़े कर दिए। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कोई कार्रवाई न होने से आहत मिल मालिकों द्वारा उठाए गए इस कदम से धान खरीद पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी।
चावल उद्योग एसोसिऐशन के जिलाध्यक्ष अमूल सिंह बुधवार को 61 मिल मालिकों के साथ मंडी कार्यालय पहुंचे। मिल मालिकों ने अपने मिलिंग लाइसेंस कृषि मंडी सचिव को सौंपकर धान की कुटाई करने से मना कर दिया। मिल मालिकों का कहा है कि बीते चार जुुलाई को जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी को ज्ञापन सौंप कर हालिंग शुल्क 10 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये किए जाने, एक क्विंतल पर 67 किग्रा. चावल के बजाए 62 किग्रा. लिए जाने, कुटाई के चावल को एफसीआई द्वारा मिल से उठान कराने की मांग की थी। मिल मालिकों का यह भी आरोप है कि एफसीआई को चावल भेजने पर वहां कई तरह से वसूली कर मिल मालिकों का शोषण किया जाता है। इस मौके पर बंशराज वर्मा, प्रमोद वर्मा, निर्मल वर्मा, राजेश वर्मा, राम किशोर वर्मा, फतेह सिंह, दिनेश वर्मा आदि मिलर्स मौजूद रहे। इस बारे में मंडी सचिव धनंजय सिंह ने बताया कि मिलर्स की समस्या डीएम के सामने रखेंगे। मिलर्स ने लाइसेंस सरेंडर नहीं किया है। धान कुटाई न करने की बात कही है।