शिक्षामित्रों का प्रदर्शन, 869 गिरफ्तार
बाराबंकी। सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने व शिक्षामित्रों के पुराने मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर दस हजार रुपये किए जाने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बहिष्कार के दूसरे दिन गन्ना कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने गन्ना कार्यालय के गेट पर लगा ताला तोड़ दिया। प्रदर्शन कर रहे 869 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। बाद में निजी मुचलके पर किए गए रिहा कर दिए गए। शिक्षामित्रों के प्रदर्शन से दूसरे दिन शिक्षण कार्य बेपटरी रहा। शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को हाइवे जाम कर प्रदर्शन करने की चेतावनी प्रशासन को दी है।
उत्तर-प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के बैनर तले गुरुवार को भारी संख्या में शिक्षामित्र गन्ना कार्यालय में एकत्र हुए। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा दस हजार रुपये मानदेय कतई नहीं चाहिए। सरकार ने हम लोगों की 17 साल की सेवा के बदले हमारा सामाजिक अपमान किया है। अगर हमें समान कार्य का समान वेतन नहीं मिलेगा शिक्षामित्र अपना आंदोलन जारी रखेेंगे। कहा कि स्नातक व बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षामित्रों का समायोजन सरकार द्वारा शीघ्र किया जाए। उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार सरकार ने हम लोगों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है उसी प्रकार सरकार भी सड़क पर आ जाएगी। शिक्षामित्रों को उग्र होते देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैैनात रहा। सबसे पहले फतेहपुर व सिरौलीगौसपुर के शिक्षामित्रों ने अपनी गिरफ्तारी देना शुरू किया। गन्ना कार्यालय में मेन रोड की ओर लगे गेट में ताला डाल दिया गया था। भारी संख्या में आए शिक्षामित्रों को बैंक के पास बने गेट से निकलने की बात पुलिस ने कही, तो आक्रोशित शिक्षामित्रों ने गेट का ताला तोड़ दिया। उसके बाद सभी ब्लॉकों के लगभग 869 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। पुलिस द्वारा दो निजी बसें व विभाग के वाहनों से शिक्षामित्रों को पुलिस लाइन पहुंचाया। वहां पर नाम पता लिखकर सबको छोड़ दिया।