बाराबंकी। अयोध्या में ध्वजारोहण कार्यक्रम और प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मंगलवार को लखनऊ से लेकर अयोध्या तक पूरे हाईवे पर दिनभर कड़ी चौकसी रही। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने हाईवे किनारे अस्थायी कैंप बनाकर लगातार निगरानी की।
अयोध्या में भीड़ की संभावना को देखते हुए 23 नवंबर की रात से ही बाराबंकी व लखनऊ से अयोध्या जाने वाले मार्गों पर भारी और मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। स्पष्ट निर्देश थे कि अयोध्या की ओर कोई बड़ा वाहन नहीं जाएगा। यातायात पुलिस के अनुसार पिछले 48 घंटे में लगभग 60,000 वाहन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बहराइच हाईवे की ओर डायवर्ट किए गए। अयोध्या में भीड़ को देखते हुए बुधवार को भी भारी वाहनों पर रोक प्रभावी रह सकती है।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए मंगलवार को सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। विभिन्न राज्यों, महानगरों और शहरों से अयोध्या पहुंच रहे संत-महंतों, आला अफसरों और विशिष्ट आगंतुकों को सुगम आवागमन देने के लिए सुबह से ही पुलिस की सक्रियता बढ़ गई। बाराबंकी और रामसनेहीघाट में पुलिस कारों की डिग्गी और बोनट खोलकर सघन तलाशी लेती देखी गई।
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हाईवे पर चार बैरियर, गहन छानबीन, खड़े रहे ट्रक
सख्ती इतनी रही कि लखनऊ-बाराबंकी सीमा पर इंदिरा नहर के निकट संयुक्त पुलिस टीम वाहनों को किसान पथ के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर भेज रही थी। भारी वाहन बाराबंकी शहर तक पहुंच ही नहीं पा रहे थे। जो वाहन आ भी रहे थे उन्हें शहर के चौपुला तिराहे से लगभग दो किलोमीटर पहले रामनगर तिराहे के रास्ते बहराइच हाईवे पर डायवर्ट किया जा रहा था। हाईवे पर दूसरा डायवर्जन प्वाइंट सफदरगंज में तथा तीसरा रामसेनेहीघाट के निकट दिलोना मोड़ के पास बनाया गया था। इन व्यवस्थाओं के चलते भारी वाहन हाईवे पर आगे बढ़ ही नहीं सके। सैकड़ों ट्रक इधर-उधर खड़े रहे।