बाराबंकी। दशमोत्तर के 5968 छात्र-छात्राओं का डाटा मिलान न हो पाने के कारण आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। संबद्ध एजेंसियों द्वारा समय से डाटा लॉक नहीं किया गया। वहीं तमाम बैंक खातों व आधार का लिंक न हो पाने के कारण भी समस्या आई है। ऐसे में अब छात्र-छात्राएं कॉलेज से लेेकर बैंक व विकास भवन के चक्कर काटने को मजबूर हैं। हालांकि प्रदेश सरकार नेे संस्थाओं को अप्रैल माह में डाटा लॉक करने का दोबारा अवसर देने की घोषणा की है।
समाज कल्याण विभाग को दशमोत्तर के 30808 छात्र-छात्राओं का डाटा प्राप्त हुआ था। यह डाटा रविवार शाम तक विभाग को ऑनलाइन अग्रसारित किए जाना था। 24840 छात्र-छात्राओं का डाटा अग्रसारित किया जा चुका है। इनमें सामान्य वर्ग के 9913 एवं अनुसूचित वर्ग के 14927 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
विभिन्न कॉलेजों से डिप्लोमा व डिग्री कोर्स के हजारों छात्र-छात्राओं का डाटा संबंधित यूनिवर्सिटी द्वारा लॉक नहीं किया जा सका। वहीं कई छात्र-छात्राओं आधार व खाता एनपीसीआई पर लिंक न हो पाने के कारण उनके खातों का मिलान नहीं हो पाया। ऐसे 5968 आवेदनों को समाज कल्याण विभाग की ओर से निरस्त कर दिया गया है। कई छात्र-छात्राएं अपना खाता लिंक करानेे के लिए बैंकों से लेकर समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
अप्रैल में मिल सकता एक मौका
जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि डाटा मिलान न होने से 5968 आवेदनों को रिजेक्ट करना पड़ा है। इनमें संबद्ध संस्थाओं को डाटा लॉक करने के लिए अप्रैल माह में अवसर दिया जा सकता है, जिससे संबंधित छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिल जाएगी।