राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के आदेश पर शनिवार को राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें समस्त दीवानी न्यायालयों द्वारा कुल 528 वादों का निस्तारण विभिन्न न्यायालयों द्वारा लाखों रुपये प्रतिकर के रूप में जमा किया गया।
एसपी अरविन्द प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय द्वारा कुल 50 पारिवारिक वादों का निस्तारण कराते हुए 179935 रुपये नगद भरण पोषण की राशि दिलाई एवं 10 विवाहित जोड़ों में सुलह कराते हुए उन्हें घरों को रवाना किया। न्यायिक अधिष्ठान के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों द्वारा कुल 65 वादों का निस्तारण करते हुए प्रतिकर के रूप में कुल 4061964 रुपये वसूले गए।
न्यायिक दंडाधिकारियों ने कुल 428 आपराधिक वादों का निस्तारण कर रू 914150 का अर्थदंड वसूल किया गया। अभिषेक श्रीवास्तव सिविल जज सीनियर डिवीजन ने 10 उत्तराधिकार वादों का निस्तारण करते हुए कुल 1821311 रु के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के रूप में जारी किया। उक्त लोक अदालत में दीवानी प्रकृति के कुल 35 वादों का निस्तारण किया गया। इस राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में विभिन्न बैंकों ने भी भारी राहत दी। बैंको एवं फाइनेन्स कम्पनियों द्वारा कुल 142 वादों में रू 5875265 वसूल किये। टेलीफोन विभाग द्वारा 4298 वादों का निस्तारण किया गया। जिले के विभिन्न तहसीलों एवं अन्य विभागों द्वारा कुल 737 वादों का निस्तारण किया गया। समस्त न्यायालय, बैंक, फाइनेन्स कम्पनी, तहसीलों एवं अन्य विभागों द्वारा कुल 5705 वादों का निस्तारण उक्त लोक अदालत में किया गया।