401 करोड़ के बजट पर लगी मुहर, मिलेंगी कई सौगातें
क्रासर-
- जिला योजना की बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल पर फोकस
- योजनाओं के सही क्रियांवयन पर जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल
फोटो:- 21,22 पी
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई जिला योजना की बैठक में शासन द्वारा प्रस्तावित 401.92 करोड़ के बजट पर मुहर लगा दी गई। इस भारी भरकम बजट से जिले को कई सौगातें मिलेंगी। इनमें शहर व ग्रामीण अंचलों की 360 किलोमीटर की सड़कें, पांच इंटर कॉलेज व एक जीव विज्ञान प्रयोग शाला, 25 सीएचसी व नौ आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सालय समेत नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए 1750 हैंडपंप व पाइप लाइन की सुविधाएं शामिल हैं। बैठक में पिछले वर्ष के बजट के सापेक्ष हुए विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
सोमवार को जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के लोक सभागार में जिला योजना समिति की बैठक हुई। बैठक में सभी नामित सदस्यों के साथ प्रशासनिक अधिकरी व जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा इस वित्तीय वर्ष 2018-19 में अपने-अपने क्षेत्रों में कराए जाने वाले विकास कार्यो के दिए गए प्रस्तावों पर चर्चा की गई जिस पर सर्वसम्मति से बिना की विरोध के मुहर लगा दी गई। इससे अब शासन द्वारा प्रस्तावित किए गए 401.92 करोड़ के बजट से इन विकास कार्यो को पूर्ण कराकर जिले को कई सौगातें नसीब हो सकेंगी। जनप्रतिनिधियों ने आमजन मानस की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यो का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा था। इनमें सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
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जिले को मिलेंगी यह सौगातें
1- 360 किमी. की सड़कें- लागत 6215 लाख।
2- पांच इंटर कॉलेज व एक जीव विज्ञान प्रयोगशाला के साथ सर्वशिक्षा अभियान व एमडीएम पर-2528.23 लाख। (जीआईसी दरियाबाद, टेढवा गदमानपुर फतेहपुर, बबुरीगांव बनीकोडर, साढ़ेमऊ फतेहपुर, कन्या पू.मा.वि. बनौगा निंदूरा, जीआईसी टिकैतगंज में जीव विज्ञान प्रयोगशाला)
3- 25 सीएचसी, 09 यूनानी औषद्यालय,एक राजकीय यूनानी चिकित्सालय-लागत 1314.75 लाख। (पीएससी रानीमऊ, कमियार व बासगांव, इटौरा, अमोलीकला, भानमऊ, शिवनाम, रीवासीवा आदि समेत 25 केंद्र)
4- 1750 हैंडपंप, दो नलकूप व पाइल पेयजल- लागत 1218.62 लाख।
5- 14500 निशुल्क बोरिंग, 29 सौ पंपसेट- लागत 1531.75 लाख।
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कुर्सी विधायक ने कहा औपचारिकता निभा रहे प्रभारी बीएसए
बैठक शुरु होने से पहले बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रभारी मंत्री के हाथों बच्चों को ड्रेस व किताब वितरण किए जाने के दौरान कुर्सी विधायक साकेंद्र वर्मा नाराज हो गए। उन्होंने प्रभारी बीएसए पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण कार्य क्षेत्रों में होने चाहिए। जनप्रतिनिधियों को बुलाइए ताकि इसका एक अच्छा संदेश जा सके। बैठक में प्रभारी मंत्री के न होने पर विधायक ने कहा जो संबंधित अधिकारी बिना सूचना के गायब है, उन पर कार्यवाही की जाए।
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एमएलसी ने प्रोटोकाल पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान एमएलसी राजेश यादव राजू ने जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बैठने की सीट पीछे है और सदस्यों की आगे। जबकि वह पहले भी इस संबंध में शासन द्वारा जारी गाइड लाइन अधिकारियों को दे चुके हैं। जिसमें सांसद, विधायक फिर सदस्य बैठेंगे। साथ ही वरिष्ठता का भी ध्यान रखा जाएगा। पर आज भी इसमें कमी देखने को मिली है।
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गोपाष्टमी पर लगेंगे पशु आरोग्य मेले
गोपाष्टमी को लेकर पशुपालन विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजन को लेकर अलग से कोई बजट न मिलने की बात पर कुर्सी विधायक ने बैठक में सुझाव रखा कि आने वाले गोपाष्टमी के दिन पशुपालन विभाग द्वारा पशु आरोग्य मेला का आयोजन किया जाए। इससे जहां यह पुनीत कार्य भी हो जाएगा। वहीं आरोग्य मेला का लाभ भी ग्रामीणों को मिल सकेगा।
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सासंद गायब, प्रतिनिधियों का जलवा
इस महत्वपूर्ण बैठक में जहां सभी विधायक व एमएलसी मौजूद रहे। वहीं बैठक में एक भी सांसद शामिल नहीं हुए। पर उनके नामित प्रतिनिधियों की उपस्थिति जरुर रही। बैठक में राज्य सभा सांसद पीएल पुनिया की जगह इकबाल राही, सांसद प्रियंका सिंह रावत की जगह डॉ.रमेश चंद्रा, फैजाबाद सांसद लल्लू सिंह की जगह बाबा परमेंद्र सिंह विक्रम तथा राज्य सभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के प्रतिनिधि के रुप में मोहम्मद सबाह शामिल हुए।
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कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे शामिल
जिला योजना की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक सिंह, जैदपुर विधायक उपेंद्र रावत, हैदरगढ़ विधायक बैजनाथ रावत, कुर्सी विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा, सदर विधायक सुरेश यादव, एमएलसी राजेश यादव राजू के साथ ही प्रशासनिक अमले में डीएम उदयभानु त्रिपाठी, एसपी वीपी श्रीवास्तव, एडीएम संजय गुप्ता, सीडीओ अंजनी कुमार सिंह, डीडीओ जगदीश त्रिपाठी, डीएसटीओ डॉ. राम प्रकाश, परियोजना अधिकारी डॉ. हरिचरन सिंह समेत अधिकांश विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।