बाराबंकी। शहर कोतवाली क्षेत्र के उरगदिया गांव से युवक का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि परिजनों से पैसा वसूलने के लिए उसने एक दोस्त के साथ मिलकर साजिश रची थी। पुलिस ने युवक व उसके साथी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। इस खुलासे के बाद परिजन भी सन्न रह गए।
उरगदिया गांव के निवासी रामअवध का पुत्र रोहित कुमार (22) गत बृहस्पतिवार को अचानक लापता हो गया था। परेशान परिजनों ने इसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसका मोबाइल भी बंद था। शुक्रवार से रोहित के गांव में रहने वाले दोस्तों के मैसेंजर पर धमकी भरे संदेेश आने लगे जिसमें रोहित के बैंक खाते में कभी दो लाख तो कभी 10 हजार रुपये की मांग की जाने लगी। इस दौरान रोहित के बंधे होने, उसके हाथ को धारदार हथियार से काटे जाने और पिटाई के वीडियो उसके दोस्तों के माध्यम से परिजनों को मिले तो वे भी परेशान हो उठे। एसपी दिनेेश कुमार ने इस मामले में कोतवाली पुलिस, साइबर व सर्विलांस टीम को भी लगा दिया। शनिवार को रोहित की लोकेशन लखनऊ में मिली। पुलिस ने देर शाम उसे लखनऊ में खोज निकाला। उसके साथ उसका एक दोस्त बड्डूपुर थाना क्षेत्र के सरसवा गांव निवासी प्रदुम्न सिंह भी पकड़ा गया।
एसपी के अनुसार, रोहित मोबाइल फोन पर गेम खेलने के दौरान काफी रुपये हार गया था। प्रदुम्न से उसकी दोस्ती ढाई वर्ष पहले फेसबुक पर हुई थी। उसने घर वालों से रुपये ऐंठने के लिए पूरी साजिश खुद रची। रोहित ने घर से निकलते ही अपना मोबाइल फ्लाइट मोड पर लगा दिया और लखनऊ पहुंचकर प्रदुम्न सिंह के मोबाइल के वाई-फाई का प्रयोग कर फिरौती के फर्जी संदेश व वीडियो परिजनों तक पहुंचाए। इस दौरान परिजनों ने तीन-चार बार में 50 हजार रुपये रोहित के खाते में भेजे। पुलिस ने साजिश रचने की धारा में बढ़ोतरी करते हुए दोनों को जेल भेज दिया है।