बाराबंकी। आरक्षण सूची जारी होने के चार दिनों के अंदर प्रधान पद पर सबसे अधिक 428 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें अकेले डीपीआरओ कार्यालय में ही 213 आपत्तियां शामिल हैं। उधर डीपीआरओ कार्यालय द्वारा पंद्रह विकासखंडों से आपत्तियों को संबंधित रजिस्टर के साथ मंगलवार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम द्वारा गठित कमेटी इन आपत्तियों का परीक्षण करेगी। वहीं बीडीसी और डीडीसी पद भी 20-20 आपत्तियां आई हैं।
ग्राम पंचायतों की आरक्षण सूची जारी होने के दूसरे ही दिन से आपत्तियों का दौर शुरू हो गया था। इसके लिए चार से आठ मार्च तक का समय निर्धारित किया गया था। इन चार दिनों में ब्लॉक और डीपीआरओ कार्यालय में आपत्तियों का सिलसिला चलता रहा। सबसे अधिक प्रधान पद के लिए 428 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
इनमें से अकेले डीपीआरओ कार्यालय में आईं 213 आपत्तियां शामिल हैं। ग्राम पंचायत सदस्य पद पर भी पांच आपत्तियां आई हैं। वहीं बीडीसी और डीडीसी के लिए भी 20-20 आपत्तियां दर्ज कराई गईं। डीएम द्वारा गठित टीम में शामिल सीडीओ, डीपीआरओ और अपर मुख्य अधिकारी इन आपत्तियों का निस्तारण करेंगे।
आरक्षित हुई सीट को न बदलने की गुहार
जहां एक ओर आरक्षण को लेकर लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। वहीं हैदरगढ़ ब्लॉक में बेहटा निवासी राजू सिंह ने आईजीआरएस पोर्टल पर अपनी ग्राम पंचायत को निस्तारण की कार्रवाई के डर से बदले न जाने को लेकर डीएम से गुहार लगाई है। यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुई है। जिसे कुछ लोगों ने सामान्य करने की आपत्तियां दी हैं।