काजू की बर्फी व दूध के नमूने फेल, नमकीन में मिला घातक रंग
बाराबंकी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीमों द्वारा होली के दौरान लिए गए नमूनों में काजू की बर्फी, नमकीन और दूध जांच में सही नहीं मिली। ये नमूने फेल हो गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है।
एफएसडीए की टीमों ने होली के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया था। अभियान के तहत टीमों ने अलग-अलग स्थानों से खाद्य पदार्थों के कई नमूने भरकर जांच को भेजे। इनमें शहर में बड़ी लाइन क्रासिंग के पास एक दुकान से लिया गया काजू की बर्फी का नमूना जांच में फेल हो गया है। इसमें फैट की मात्रा बेहद कम पाई गई है। वहीं भगवानपुर व दरियाबाद के दो व्यक्तियों से लिए गए दूध के नमूने भी जांच में फेल हो गए। इनमें भी फैट की मात्रा काफी कम पाई गई है। आलापुर के एक व्यक्ति से लिया गया नमकीन का नमूना भी जांच में फेल साबित हुआ है। नमकीन में मिला रंग खाने योग्य नहीं पाया गया।
उक्त नमूनों में मिलावट की पुष्टि होने के बाद एफएसडीए ने संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मालूम हो कि इससे पहले भी कई नमूने जांच में फेल हो चुके हैं। एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि काजू की बर्फी व दूध में फैट की मात्रा काफी कम मिली। नमकीन में मिलाया गया कलर खाने योग्य नहीं पाया गया है। संबंधिथ विक्रेताओं और निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।