बाराबंकी। फसल ऋण मोचन योजना के तहत शिकायत करने वाले किसानों के स्थान पर बैंक मनमानी कर अन्य किसानों के नाम शामिल नहीं कर सकेंगे। इसके लिए इस बार विभाग ने किसानों की शिकायतों पर एक यूनीक कोड डालकर बाकायदा इसे सूचीबद्ध किया है।
विभाग की यह व्यवस्था किसानों की शिकायतों के लिए रक्षा कवच का काम करेगी। हालांकि अभी किसानों के शिकायतों की जांच कर इसे सूचीबद्व किया जा रहा है। इसके बाद डीएम की अनुमति लेकर संबंधित बैंक को भेजा जाएगा।
जिले में सात जनवरी से 21 जनवरी तक फसल ऋण मोचना योजना के लाभ के लिए 8172 किसानों ने अपनी शिकायतें ऑफलाइन की है। अब कृषि विभाग के कार्यालय में किसानों की इन शिकायतों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही आने वाली सभी शिकायतों पर एक यूनिक कोड नम्बर अंकित कर रजिस्टर पर अंकित किया जा रहा है।
इस काम के पूरा होने के बाद जिलाधिकारी के हस्ताक्षर होते ही बैंकवार शिकायत पत्र भेज दिए जाएंगे। जहां बैंक सत्यापन कर पात्र व अपात्र किसानों की सूची विभाग को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद इनकी फीडिंग कर तहसीलवार पात्र किसानों का सत्यापन कराया जाएगा। इस दौरान बैंक शिकायत पत्र पर यूनिक कोड होने की दशा में अपने स्तर से किसी अन्य किसान को शामिल नही कर पाएगें। तहसील से सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद एक से तीन फरवरी व 16 से 18 फरवरी के बीच डिमांट जनरेट किसानों के खाते में कर्जमाफी की रकम भेज दी जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी बाराबंकी संजीव कुमार ने बताया कि इस बार शिकायतों पर एक यूनिक कोड अंकित किया जा रहा है। ताकि बैंक इन किसानों के स्थान पर किसी और को शामिल न कर सके।