घट रही घाघरा लेकिन बढ़ रहा संकट
क्रासर
- खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रहा नदी का पानी
- नदी की धारा में डूबी फसल ने उड़ाई किसानों की नींद
फोटो- 54 पी
गणेशपुर (बाराबंकी)। घाघरा का पानी तेजी से घट रहा है इसके बाद भी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं धान की खड़ी फसलों के नदी में बह जाने से बाढ़ पीड़ितों की रातों की नींद उड़ गई है।
घाघरा नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रहा है। नदी का पानी घटनें से गांवों में भरा पानी भी कम हो गया है। जिससे तटबंधों पर बसे बाढ़ पीड़ितों का गांवों से आवागमन भी शुरू हो गया है। वहीं जिन गांवों में पानी कम हुआ है वहां के लोगों का संकट कम नहीं हो रहा है। राशन पानी के साथ ही मवेशियों के चारा जुटाना आसान नहीं हो पा रहा है क्योंकि अभी भी चारों तरफ पानी ही पानी भरा हुआ है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि नदी का पानी भले ही कम हो रहा है लेकिन हम लोगों की खड़ी धान की फसल नदी में बह जाने से हम लोगों के सामने आगे का संकट खड़ा हो गया है।
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घाघरा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रहा है। बाढ़ पीड़ितों पर बराबर नजर रखी जा रही है और समय-समय पर राहत सामग्री का वितरण भी कराया जाता है।
संदीप कुमार गुप्ता, एडीएम