देसी गायों का नोडल प्वांइट
बनेगा चक गंजरिया फार्म
क्रासर
-मिली स्वीकृति, दुग्ध क्रांति में चमकेगा बाराबंकी का नाम
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। देसी गायों की नस्ल को संरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक निर्णय गौ माता की हो रही उपेक्षा को बचाने का काम करेगा। जिले के चकरिया गंजरिया फार्म को 400 देसी नस्ल की गाय खरीदने की स्वीकृति शासन ने दे दी है। अब चक गंजरिया देश-प्रदेश की देसी गायों देसी गायों के नोडल प्वांइट के रूप में स्थापित होगा। सपा शासनकॉल में लखनऊ से हटाकर जिले के जहांगीराबाद में खाली बडे भू-भाग पर चक गंजरिया फार्म को स्थापित किया गया था। अब जिले की इस फार्म का कीर्तमान देश-प्रदेश में करने के लिए योगी सरकार भी पीछे नहीं रहना चाहती। दो सौ करोड़ रुपये की लागत से बने इस चकगंजरिया फार्म में कई अच्छी नस्ल की गायों का पालन-पोषण किया जा रहा है। इनसे प्रतिदिन दो हजार लीटर के करीब दूध की उत्पादकता हो रही है। इसको लेकर पूर्व में चक गंजरिया फार्म केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय एवार्ड से नवाजा जा चुका है। प्रदेश सरकार अब यहां देशी नस्ल की चार सौ गायों के खरीदने के आदेश दिए है जिससे जहां दुग्ध की क्रांति में बाराबंकी का नाम होगा वहीं यह देश के सबसे बड़ा फार्म के रूप में स्थापित होगा।
वर्जन
देसी नस्ल की गायों को लेकर प्रदेश व देश की सरकारों का चक गंजिरया फार्म को नोडल प्वाइंट के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव है।
डॉ. एमपी सिंह
निदेशक चकगंजरिया फार्म