समय पर इलाज न मिलने से गई महिला की जान
टिकैतनगर (बाराबंकी)। सर्पदंश से पीड़ित महिला को समय पर इलाज न मिल पाने से मौत हो गयी। पहले तो एंबुलेंस नहीं मिली फिर जब उसे किसी तरह सीएचसी पहुंचाया गया तो चिकित्सक अपने कमरे पर मरीज देखने में व्यस्त थे और जब डॉक्टर मौके पर पहुंचे तो स्थित बिगड़ चुकी थी। अपने बचाव के लिए उसे रेफर कर दिया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से महिला की जान गई।
मामला थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम अरसंडा का है। यहां के निवासी राजकरन का आरोप है कि सोमवार सुबह दरवाजे पर झाडू़ लगाते समय उसकी पत्नी शांति (35) को सांप ने डस लिया। तुरंत ही 108 एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन आधे घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो निजी साधन से सुबह साढ़े सात बजे वह सीएचसी टिकैतनगर पहुंचा। मौके पर कोई नहीं था पीछे बने कमरों पर जाकर देखा तो डॉक्टर कमरे पर ही मरीज देख रहे थे। उसने डॉक्टर से पत्नी को सांप काटने की जानकारी दी और चलने को कहा लेकिन मौके पर मौजूद डॉक्टर ने मरीज देखकर तुरंत आने की बात कहकर वापस कर दिया। लगभग एक घंटे के बाद जब डॉक्टर पहुंचे तब तक देर हो चुकी थी। घबराये डॉक्टर ने ताबड़तोड़ तीन इंजेक्शन लगाये लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बचाव में डॉक्टर ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित का कहना है कि इंजेक्शन देते समय डॉक्टर के हाथ कांप रहे थे हड़बड़ाहट में उसकी निडिल भी टूट गयी थी जिससे काफी खून निकला। परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से मौत हुई है। शिकायत सीएमओ से की है। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर हेमंत ने बताया कि सुबह डॉक्टर अमित दुबे मौजूद थे तीन डोज देकर स्थित नियंत्रण में न होने पर रेफर किया गया था मौके पर मौत की बात गलत है।